किराये की रसीद
एक महीने या किसी अवधि के किराये की रसीद, किरायेदार के रिकॉर्ड या एचआरए के लिए।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
किराये की रसीद
मैं, विक्रम सिंह पुत्र श्री हरबंस सिंह, आयु लगभग 52 वर्ष, निवासी मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब, ने मीरा शर्मा पत्नी श्री कबीर शर्मा, आयु लगभग 41 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब से, उन्हें किराये पर दिए परिसर (मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर का भूतल) के लिए, दिनांक 01-09-2026 से 30-09-2026 तक की अवधि का किराया, ₹9,500 मासिक की दर से, ₹9,500 (नौ हज़ार पाँच सौ रुपये मात्र) यूपीआई ट्रांसफ़र द्वारा प्राप्त किया है।
इस अवधि का कोई किराया किरायेदार की ओर बाक़ी नहीं है।
मकान मालिक का स्थायी खाता संख्या (पैन): XXXXX0000X
[ रसीदी टिकट ]
दिनांक: 12-10-2026
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- किरायानामे की प्रति
- मकान मालिक का पैन कार्ड, जहाँ नियोक्ता मकान किराया भत्ते के लिए माँगे
- भुगतान का सबूत: हर किराये का बैंक या यूपीआई रिकॉर्ड
कहाँ जाना है
मकान मालिक हस्ताक्षर करके किरायेदार को देता है, हर महीने या किसी अवधि के लिए; मकान किराया भत्ते के लिए किरायेदार इसकी प्रतियाँ नियोक्ता को देता है।
फ़ीस
सादा काग़ज़ काफ़ी है; स्टाम्प क़ानून में तय रक़म से ज़्यादा की रसीद पर रसीदी टिकट लगता है, जिस पर पैसे लेने वाला आर-पार हस्ताक्षर करता है।
ध्यान दें
- जहाँ हो सके किराया बैंक ट्रांसफ़र से दें: नियोक्ता या आयकर विभाग पूछे तो बैंक का रिकॉर्ड रसीद को पक्का करता है।
- मकान मालिक किराये को आयकर रिटर्न में आय के रूप में दिखाता है; नज़दीकी रिश्तेदार को दिया किराया तभी माना जाता है जब वह सच में दिया गया हो।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
₹5,000 से अधिक की रसीद पर प्रायः एक रुपये का रसीदी टिकट लगाकर उस पर हस्ताक्षर किए जाते हैं।