संयुक्त ज़मीन की तक़सीम (बँटवारे) हेतु प्रार्थना पत्र

सहायक कलेक्टर से संयुक्त खेवट की तक़सीम कर अपना हिस्सा मौक़े पर अलग करवाना।

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काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

सेवा में,

सहायक कलेक्टर प्रथम श्रेणी,

तहसील अमरनगर

विषय: पंजाब भू-राजस्व अधिनियम, 1887 की धारा 111 के अंतर्गत संयुक्त ज़मीन की तक़सीम बारे

महोदय/महोदया,

1.यह कि नीचे वर्णित ज़मीन जमाबंदी में प्रार्थी और नीचे लिखे हिस्सेदारों के संयुक्त खाते में दर्ज है, और अब तक इसकी तक़सीम नहीं हुई है:

खेती की ज़मीन रक़बा 16 कनाल 4 मरला, खेवट नं. 77, खतौनी नं. 102, ख़सरा नं. 45//12 (8-0) व 45//13 (8-4), गाँव कल्याणपुर, हदबस्त नं. 112, तहसील व ज़िला अमरनगर, जमाबंदी साल 2022-23 के अनुसार।

2.यह कि संयुक्त ज़मीन में प्रार्थी का हिस्सा एक-तिहाई, रक़बा 5 कनाल 8 मरला है।

3.यह कि अन्य हिस्सेदार और उनके हिस्से इस प्रकार हैं:

क्रमनामवल्दियत व पताहिस्सा
1हरभजन कौरविधवा करनैल सिंह, गाँव कल्याणपुर, तहसील व ज़िला अमरनगरएक-तिहाई
2हरप्रीत कौरपुत्री करनैल सिंह, मकान नं. 14, सेक्टर 9, शांतिपुरएक-तिहाई

4.यह कि इस समय हिस्सेदारों का क़ब्ज़ा इस प्रकार है: ख़सरा नं. 45//12 पर प्रार्थी ख़ुद खेती करता है, और ख़सरा नं. 45//13 अन्य हिस्सेदारों ने ठेके पर दिया हुआ है।

5.यह कि प्रार्थी अब यह ज़मीन साझे में नहीं रखना चाहता, और पंजाब भू-राजस्व अधिनियम, 1887 की धारा 111 के अंतर्गत तक़सीम द्वारा अपना हिस्सा अलग करवाने का हक़दार है।

6.यह कि प्रार्थी का प्रस्ताव है कि तक़सीम इस प्रकार की जाए: प्रार्थी का हिस्सा ख़सरा नं. 45//12 में से दिया जाए, जहाँ उसका ट्यूबवेल लगा है।

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

उस तहसील के असिस्टेंट कलेक्टर (तहसीलदार या नायब तहसीलदार, जैसा राज्य ने अधिकार दिया हो) के सामने दाख़िल होता है जहाँ ज़मीन है, अक्सर वकील के ज़रिए। हर सह-हिस्सेदार को नोटिस जाता है, उन्हें सुनकर बँटवारे का तरीक़ा (नक़्शा बे) तय होता है, और फिर मौक़े पर ज़मीन बाँटी जाती है।

फ़ीस

आवेदन पर कोर्ट फ़ीस टिकट और सह-हिस्सेदारों के नोटिसों की तलबाना फ़ीस, जैसा दफ़्तर कहे; आज की राशि वहीं पूछें। वकील की फ़ीस, यदि हो, अलग है।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

राजस्व दफ़्तर ऐसे प्रार्थना पत्रों पर प्रायः कोर्ट फ़ीस टिकट या नक़ल फ़ीस लेते हैं; दफ़्तर के निर्देश अनुसार अदा करें।