दान पत्र (नज़दीकी रिश्तेदार के अलावा किसी व्यक्ति को)
नज़दीकी परिवार से बाहर किसी को संपत्ति दान करना; प्रायः पूरा स्टाम्प शुल्क लगता है और रजिस्ट्री ज़रूरी है।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
दान पत्र (हिब्बानामा)
यह दान पत्र आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को अमरनगर में निम्नलिखित पक्षों के बीच लिखा व निष्पादित किया गया:-
बलवंत कौर विधवा स्व. श्री जगीर सिंह, आयु लगभग 67 वर्ष, निवासी गाँव कल्याणपुर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब (जिसे आगे "दाता" कहा गया है, और इस शब्द में संदर्भ के विपरीत न होने पर उसके वारिस, क़ानूनी प्रतिनिधि व समनुदेशिती शामिल होंगे) प्रथम पक्ष।
तथा
रोहन कुमार पुत्र श्री ओम प्रकाश, आयु लगभग 37 वर्ष, निवासी मकान नं. 12, गली नं. 3, नानक नगर, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब (जिसे आगे "आदाता" कहा गया है, और इस शब्द में संदर्भ के विपरीत न होने पर उसके वारिस, क़ानूनी प्रतिनिधि व समनुदेशिती शामिल होंगे) द्वितीय पक्ष।
चूँकि दाता नीचे की अनुसूची में वर्णित संपत्ति (आगे "उक्त संपत्ति") की क़ाबिज़ पूर्ण मालिक है, जो उसे अपने स्वर्गीय पति जगीर सिंह से विरासत, इंतक़ाल नं. 0000 द्वारा प्राप्त हुई;
चूँकि दाता अपनी मर्ज़ी से और पूरे होश-हवास में उक्त संपत्ति आदाता को दान करना चाहती है, और आदाता उसे स्वीकार करने को तैयार है;
अब यह विलेख साक्षी है और दोनों पक्ष निम्नलिखित पर सहमत हैं:-
1.यह कि आदाता दाता का नज़दीकी रिश्तेदार नहीं है; दाता से आदाता का संबंध इस प्रकार है: पारिवारिक मित्र, जिन्होंने कई वर्षों से बुढ़ापे और बीमारी में दाता की देखभाल की है।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- मालिकाना हक़ के काग़ज़: पिछली रजिस्ट्री, ताज़ा जमाबंदी (फ़र्द) और इंतक़ाल, या नगर निकाय या प्राधिकरण का रिकॉर्ड
- मूल मालिकाना काग़ज़, जो दानकर्ता क़ब्ज़े के साथ दान लेने वाले को सौंपता है
- दोनों पक्ष (या उनके मुख़्तार), हर एक फ़ोटो पहचान पत्र के साथ, और जहाँ मूल्य के कारण आयकर नियम माँगें वहाँ पैन कार्ड
- हर पक्ष की दो पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो (दफ़्तर भी फ़ोटो और अँगूठे का निशान लेता है)
- फ़ोटो पहचान पत्र वाले दो गवाह, जो विलेख पर हस्ताक्षर करें और पक्षों की पहचान करें
कहाँ जाना है
रजिस्ट्री उस सब-रजिस्ट्रार के दफ़्तर में होती है जहाँ संपत्ति है (पंजाब और हरियाणा में प्रायः तहसीलदार या नायब तहसीलदार), जहाँ सुविधा हो वहाँ राज्य की ऑनलाइन रजिस्ट्री अपॉइंटमेंट से लिए समय पर; दोनों पक्ष और गवाह स्वयं हाज़िर होते हैं।
फ़ीस
प्रायः बयनामे की तरह बाज़ार मूल्य (कलेक्टर रेट या ज़्यादा) पर पूरा स्टाम्प शुल्क; रजिस्ट्री फ़ीस अलग है। ई-स्टाम्प ख़रीदने से पहले सब-रजिस्ट्रार से पूछें।
ध्यान दें
- ज़मीन या मकान के दान के लिए रजिस्टर्ड विलेख ज़रूरी है, और दान लेने वाले को दानकर्ता के जीवनकाल में ही इसे स्वीकार करना होता है (धारा 122 और 123 संपत्ति अंतरण अधिनियम)।
- ग़ैर-रिश्तेदार से मिला दान पाने वाले की आय मानकर कर-योग्य हो सकता है; चार्टर्ड अकाउंटेंट से पूछें।
- विलेख को हस्ताक्षर के चार महीने के भीतर रजिस्ट्री के लिए पेश करें; बाद में केवल ठोस कारण होने पर, अगले चार महीनों में और जुर्माने के साथ।
- रजिस्ट्री के बाद इंतक़ाल दर्ज करवाएँ, या नगर निकाय या प्राधिकरण का रिकॉर्ड बदलवाएँ: "इंतक़ाल हेतु प्रार्थना पत्र" देखें।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
नज़दीकी रिश्तेदार के अलावा किसी को किए दान पर प्रायः बिक्री की तरह बाज़ार मूल्य पर पूरा स्टाम्प शुल्क लगता है, और सब-रजिस्ट्रार के यहाँ रजिस्ट्री ज़रूरी है; अपने राज्य की मौजूदा दर स्टाम्प शुल्क गाइड में देखें।