मालिकाना दस्तावेज़ जमा करने का ज्ञापन (इक्विटेबल मॉर्गेज)
मालिक दर्ज करता है कि उसने ऋण की ज़मानत के रूप में मूल मालिकाना दस्तावेज़ बैंक या ऋणदाता को सौंपे, दस्तावेज़ों की सूची और ऋणदाता की रसीद सहित।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
मालिकाना दस्तावेज़ (टाइटल डीड) जमा करने का ज्ञापन
मैं, कबीर शर्मा पुत्र श्री देव शर्मा, आयु लगभग 44 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब, निम्नलिखित बातें दर्ज करता हूँ:
1.यह कि दिनांक 12-10-2026 को अमरनगर में मैंने अमर सहकारी बैंक लि., मुख्य शाखा, अमरनगर (आगे "ऋणदाता") को नीचे सूचीबद्ध मालिकाना दस्तावेज़ सौंपे, जो इस ज्ञापन के अंत में वर्णित संपत्ति (आगे "उक्त संपत्ति") से संबंधित हैं, इस इरादे से कि इन दस्तावेज़ों को जमा करके उक्त संपत्ति पर ज़मानत (प्रतिभूति) बने।
2.यह कि यह जमा इस ऋण की अदायगी की ज़मानत है: ऋणदाता द्वारा मुझे स्वीकृत ₹15,00,000 (पंद्रह लाख रुपये मात्र) का टर्म लोन, जो स्वीकृति पत्र नं. ACB/MB/2026/0000 दिनांक 05-10-2026 द्वारा स्वीकृत हुआ, ऋण के काग़ज़ात में तय ब्याज, ख़र्च और अन्य शुल्कों सहित; और ऋण का कोई नवीनीकरण या बढ़ोतरी, जिसके लिए मैं लिखित सहमति दूँ।
3.यह कि जमा किए गए दस्तावेज़ ये हैं:
| क्र. | दस्तावेज़ (नंबर व तारीख़) | कहाँ रजिस्टर्ड | मूल या प्रति |
|---|---|---|---|
| 1 | मेरे हक़ में बयनामा नं. 3105 दिनांक 18-07-2014 | सब-रजिस्ट्रार, अमरनगर | मूल |
| 2 | विक्रेता के हक़ में पुराना बयनामा नं. 1187 दिनांक 02-03-2001 | सब-रजिस्ट्रार, अमरनगर | मूल |
| 3 | इंतक़ाल नं. 4421 और ताज़ा जमाबंदी (फ़र्द) | तहसील, अमरनगर | सत्यापित प्रति |
| 4 | पास नक़्शा दिनांक 10-01-2015 | नगर परिषद, अमरनगर | मूल |
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- संपत्ति के सभी मूल मालिकाना दस्तावेज़ (ताज़ा बयनामा या दान-पत्र और पुराने विलेखों की कड़ी), जैसे ऋणदाता सूची बनाए
- ताज़ा जमाबंदी (फ़र्द) और इंतक़ाल, या संपत्ति का नगर निकाय या प्राधिकरण का रिकॉर्ड
- संपत्ति कर की ताज़ा रसीद; प्राधिकरण के आबंटित प्लॉट के लिए, यदि प्राधिकरण माँगे तो रहन रखने की उसकी अनुमति
- मालिक का पहचान पत्र और पैन कार्ड, और ऋणी कोई और हो तो उसका भी
- ऋण का स्वीकृति पत्र
कहाँ जाना है
ऋणदाता के दफ़्तर में (प्रायः बैंक की शाखा): मालिक स्वयं मूल दस्तावेज़ सौंपता है और इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर करता है, और अधिकारी अंत में दी रसीद पर हस्ताक्षर करता है।
फ़ीस
ज्ञापन पर स्टाम्प शुल्क राज्य के स्टाम्प क़ानून से तय होता है, प्रायः सुरक्षित राशि पर; आज की राशि बैंक या ई-स्टाम्प केंद्र बताएगा।
ध्यान दें
- जमा किए गए दस्तावेज़ों की सूची पर बैंक अधिकारी के हस्ताक्षर लें और उसे संभालकर रखें।
- पूरा ऋण चुकाने पर हर मूल दस्तावेज़ और बेबाक़ी प्रमाण पत्र वापस लें, और राजस्व, रजिस्ट्री या प्राधिकरण के रिकॉर्ड में दर्ज भार हटवाएँ।
- जो ज्ञापन स्वयं रहन की शर्तें तय करे, उसकी रजिस्ट्री ज़रूरी हो सकती है, और कुछ राज्य बैंक से रहन की सूचना सब-रजिस्ट्रार के यहाँ दाख़िल करवाते हैं; ऋणदाता के वकील से पूछें।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
मालिकाना दस्तावेज़ जमा करने के ज्ञापन पर राज्य के स्टाम्प क़ानून के अनुसार शुल्क लगता है, प्रायः सुरक्षित राशि पर। इसकी रजिस्ट्री ज़रूरी है या नहीं, यह इस पर निर्भर है कि यह पहले किए गए जमा का रिकॉर्ड है या स्वयं सौदा है; कुछ राज्य ऋणदाता से रहन की सूचना सब-रजिस्ट्रार के यहाँ दाख़िल करवाते हैं। ऋणदाता के वकील और सब-रजिस्ट्रार से पूछ लें।