मालिकाना दस्तावेज़ जमा करने का ज्ञापन (इक्विटेबल मॉर्गेज)

मालिक दर्ज करता है कि उसने ऋण की ज़मानत के रूप में मूल मालिकाना दस्तावेज़ बैंक या ऋणदाता को सौंपे, दस्तावेज़ों की सूची और ऋणदाता की रसीद सहित।

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काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

मालिकाना दस्तावेज़ (टाइटल डीड) जमा करने का ज्ञापन

मैं, कबीर शर्मा पुत्र श्री देव शर्मा, आयु लगभग 44 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब, निम्नलिखित बातें दर्ज करता हूँ:

1.यह कि दिनांक 12-10-2026 को अमरनगर में मैंने अमर सहकारी बैंक लि., मुख्य शाखा, अमरनगर (आगे "ऋणदाता") को नीचे सूचीबद्ध मालिकाना दस्तावेज़ सौंपे, जो इस ज्ञापन के अंत में वर्णित संपत्ति (आगे "उक्त संपत्ति") से संबंधित हैं, इस इरादे से कि इन दस्तावेज़ों को जमा करके उक्त संपत्ति पर ज़मानत (प्रतिभूति) बने।

2.यह कि यह जमा इस ऋण की अदायगी की ज़मानत है: ऋणदाता द्वारा मुझे स्वीकृत ₹15,00,000 (पंद्रह लाख रुपये मात्र) का टर्म लोन, जो स्वीकृति पत्र नं. ACB/MB/2026/0000 दिनांक 05-10-2026 द्वारा स्वीकृत हुआ, ऋण के काग़ज़ात में तय ब्याज, ख़र्च और अन्य शुल्कों सहित; और ऋण का कोई नवीनीकरण या बढ़ोतरी, जिसके लिए मैं लिखित सहमति दूँ।

3.यह कि जमा किए गए दस्तावेज़ ये हैं:

क्र.दस्तावेज़ (नंबर व तारीख़)कहाँ रजिस्टर्डमूल या प्रति
1मेरे हक़ में बयनामा नं. 3105 दिनांक 18-07-2014सब-रजिस्ट्रार, अमरनगरमूल
2विक्रेता के हक़ में पुराना बयनामा नं. 1187 दिनांक 02-03-2001सब-रजिस्ट्रार, अमरनगरमूल
3इंतक़ाल नं. 4421 और ताज़ा जमाबंदी (फ़र्द)तहसील, अमरनगरसत्यापित प्रति
4पास नक़्शा दिनांक 10-01-2015नगर परिषद, अमरनगरमूल

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

ऋणदाता के दफ़्तर में (प्रायः बैंक की शाखा): मालिक स्वयं मूल दस्तावेज़ सौंपता है और इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर करता है, और अधिकारी अंत में दी रसीद पर हस्ताक्षर करता है।

फ़ीस

ज्ञापन पर स्टाम्प शुल्क राज्य के स्टाम्प क़ानून से तय होता है, प्रायः सुरक्षित राशि पर; आज की राशि बैंक या ई-स्टाम्प केंद्र बताएगा।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

मालिकाना दस्तावेज़ जमा करने के ज्ञापन पर राज्य के स्टाम्प क़ानून के अनुसार शुल्क लगता है, प्रायः सुरक्षित राशि पर। इसकी रजिस्ट्री ज़रूरी है या नहीं, यह इस पर निर्भर है कि यह पहले किए गए जमा का रिकॉर्ड है या स्वयं सौदा है; कुछ राज्य ऋणदाता से रहन की सूचना सब-रजिस्ट्रार के यहाँ दाख़िल करवाते हैं। ऋणदाता के वकील और सब-रजिस्ट्रार से पूछ लें।