गोदनामा (हिंदू विधि)
हिंदू परिवारों के बीच गोद का लिखित रिकॉर्ड। रजिस्ट्री उचित है; एजेंसी द्वारा गोद के नियम अलग हैं।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
गोदनामा
यह गोदनामा आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को अमरनगर में निम्नलिखित पक्षों के बीच लिखा व निष्पादित किया गया:-
रोहन कुमार पुत्र श्री ओम प्रकाश, आयु लगभग 37 वर्ष, निवासी मकान नं. 12, गली नं. 3, नानक नगर, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब (जिसे आगे "गोद देने वाला" कहा गया है, और इस शब्द में संदर्भ के विपरीत न होने पर उसके वारिस, क़ानूनी प्रतिनिधि व समनुदेशिती शामिल होंगे) प्रथम पक्ष।
तथा
अनिल वर्मा पुत्र श्री रमेश वर्मा, आयु लगभग 31 वर्ष, निवासी मकान नं. 204, सेक्टर 9, शांतिपुर, ज़िला शांतिपुर, हरियाणा (जिसे आगे "गोद लेने वाला" कहा गया है, और इस शब्द में संदर्भ के विपरीत न होने पर उसके वारिस, क़ानूनी प्रतिनिधि व समनुदेशिती शामिल होंगे) द्वितीय पक्ष।
अब यह विलेख साक्षी है और दोनों पक्ष निम्नलिखित पर सहमत हैं:-
1.यह कि अर्जुन, जन्म तिथि 14-03-2017, प्रथम पक्ष का पुत्र है। द्वितीय पक्ष का कोई जीवित पुत्र नहीं है, और वह बच्चे को गोद लेना चाहता है।
2.यह कि दिनांक 02-10-2026 को रिश्तेदारों और नीचे लिखे गवाहों की उपस्थिति में देने-लेने की रस्म के साथ प्रथम पक्ष ने बच्चे को गोद दिया और द्वितीय पक्ष ने गोद लिया, नेहा वर्मा की सहमति से।
3.यह कि बच्चा पंद्रह वर्ष से कम आयु का और अविवाहित है, और यह गोद हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 की धारा 7 से 11 के अनुसार है।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (फ़ोटोकॉपी; दिखाने के लिए मूल)
- गोद देने वाले और गोद लेने वाले माता या पिता के पहचान पत्र, और उनके पति या पत्नी के भी
- जहाँ क़ानून माँगे वहाँ पति या पत्नी की सहमति: गोद लेने वाले के पति या पत्नी की, और बच्चे के दूसरे माता या पिता की
- गोद देने और लेने की रस्म की फ़ोटो, और बच्चे व दोनों माता-पिता की पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
- फ़ोटो पहचान पत्र वाले दो गवाह, जो विलेख पर हस्ताक्षर करें और पक्षों की पहचान करें
कहाँ जाना है
गोद देने वाले और गोद लेने वाले दो गवाहों के सामने हस्ताक्षर करते हैं, और इसकी रजिस्ट्री प्रायः सब-रजिस्ट्रार के दफ़्तर में होती है, जहाँ दोनों स्वयं हाज़िर होते हैं। रजिस्ट्री ज़रूरी नहीं, लेकिन रजिस्टर्ड विलेख को, जब तक उलटा साबित न हो, सही माना जाता है (धारा 16 हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम)।
फ़ीस
गोदनामे पर स्टाम्प शुल्क राज्य की अनुसूची के अनुसार, प्रायः एक निश्चित राशि; रजिस्ट्री फ़ीस अलग है। आज की राशि सब-रजिस्ट्रार के दफ़्तर से पूछें।
ध्यान दें
- यह विलेख हिंदुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों के लिए है; बच्चा प्रायः पंद्रह साल से कम और अविवाहित होना चाहिए, और वैध गोद रद्द नहीं हो सकती।
- अनाथ, छोड़े गए या सौंपे गए बच्चे को गोद लेना किशोर न्याय अधिनियम के तहत कारा (CARA) की प्रक्रिया से होता है, इस विलेख से नहीं।
- फिर जन्म रिकॉर्ड, स्कूल रिकॉर्ड और आधार में गोद लेने वाले माता-पिता के नाम दर्ज करवाएँ; दफ़्तर प्रायः रजिस्टर्ड विलेख माँगते हैं।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
डीड और इकरारनामों पर स्टाम्प शुल्क राज्य, दस्तावेज़ और उसकी राशि पर निर्भर करता है; कुछ का सब-रजिस्ट्रार के यहाँ पंजीकरण ज़रूरी है। स्टाम्प पेपर पर छापने से पहले मौजूदा शुल्क और नियम जाँच लें।