खेती की ज़मीन का फ़सली साल का ठेकानामा (ठेका / चकोता)
खेती की ज़मीन फ़सली साल के लिए नक़द ठेके पर देना; अधिक समय के लिए रजिस्टर्ड पट्टा बनाएँ।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
खेती की ज़मीन का ठेकानामा (चकोता)
यह ठेकानामा आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को अमरनगर में निम्नलिखित पक्षों के बीच लिखा व निष्पादित किया गया:-
बलवंत कौर विधवा स्व. श्री जगीर सिंह, आयु लगभग 67 वर्ष, निवासी गाँव कल्याणपुर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब (जिसे आगे "मालिक" कहा गया है, और इस शब्द में संदर्भ के विपरीत न होने पर उसके वारिस, क़ानूनी प्रतिनिधि व समनुदेशिती शामिल होंगे) प्रथम पक्ष।
तथा
गुरदेव सिंह पुत्र श्री करनैल सिंह, आयु लगभग 48 वर्ष, निवासी मकान नं. 88, मॉडल टाउन, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब (जिसे आगे "पट्टेदार" कहा गया है, और इस शब्द में संदर्भ के विपरीत न होने पर उसके वारिस, क़ानूनी प्रतिनिधि व समनुदेशिती शामिल होंगे) द्वितीय पक्ष।
चूँकि मालिक नीचे की अनुसूची में वर्णित खेती की ज़मीन (आगे "उक्त ज़मीन") की क़ाबिज़ मालिक है, जिसमें से 2 एकड़ इस लिखत द्वारा ठेके पर दी जा रही है;
चूँकि पट्टेदार उक्त ज़मीन को खेती के लिए नक़द ठेके (ठेका / चकोता) पर लेना चाहता है और मालिक नीचे लिखी शर्तों पर सहमत है;
अब यह विलेख साक्षी है और दोनों पक्ष निम्नलिखित पर सहमत हैं:-
1.यह कि मालिक उक्त ज़मीन दिनांक 01-11-2026 से 31-10-2027 तक की अवधि के लिए, जिसमें साल 2026-27 की रबी और साल 2027 की ख़रीफ़ की फ़सल शामिल है (आगे "उक्त अवधि"), खेती हेतु नक़द ठेके पर पट्टेदार को देती है।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- मालिक की ताज़ा जमाबंदी (फ़र्द) और ज़मीन की ख़सरा गिरदावरी
- अक्स शजरा, जिस पर ठेके के ख़सरा नंबर अंकित हों, अगर ज़मीन का केवल हिस्सा दिया जा रहा है
- मालिक और पट्टेदार के पहचान पत्र, दो-दो फ़ोटो सहित
- ट्यूबवेल के बिजली खाते का ब्योरा, अगर विलेख में लिखा है कि उसका बिल कौन देगा
- दो गवाह, हर एक अपने पहचान पत्र सहित
कहाँ जाना है
मालिक और पट्टेदार इस पर, प्रायः ई-स्टाम्प पेपर पर, दो गवाहों के सामने हस्ताक्षर करते हैं; कई लोग नोटरी से तस्दीक़ भी करवाते हैं। एक फ़सली साल के ठेके की रजिस्ट्री प्रायः नहीं होती; एक साल से ज़्यादा के ठेके की रजिस्ट्री ज़रूरी है: "रजिस्टर्ड पट्टा विलेख (11 महीने से अधिक)" देखें।
फ़ीस
ई-स्टाम्प शुल्क राज्य की अनुसूची में पट्टे की दर से, अवधि के ठेके की रक़म पर लगता है; नोटरी की फ़ीस काउंटर पर दी जाती है। आज की राशि ई-स्टाम्प केंद्र से पूछें।
ध्यान दें
- ठेके की रक़म बैंक ट्रांसफ़र से या हस्ताक्षर वाली रसीद लेकर दें, और हर भुगतान का रिकॉर्ड रखें।
- बैंक, फ़सल बीमा योजना या सब्सिडी दफ़्तर पट्टेदार से यह ठेकानामा माँग सकते हैं; दोनों पक्ष हस्ताक्षर वाली एक-एक प्रति रखें।
- हर फ़सल के बाद ख़सरा गिरदावरी देखें: उसमें पट्टेदार काश्तकार के रूप में केवल ठेके की अवधि के लिए दिखना चाहिए, जैसा विलेख कहता है।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
डीड और इकरारनामों पर स्टाम्प शुल्क राज्य, दस्तावेज़ और उसकी राशि पर निर्भर करता है; कुछ का सब-रजिस्ट्रार के यहाँ पंजीकरण ज़रूरी है। स्टाम्प पेपर पर छापने से पहले मौजूदा शुल्क और नियम जाँच लें।