बयनामा (विक्रय विलेख), प्लॉट या मकान
प्लॉट या मकान क्रेता के नाम करने वाला रजिस्टर्ड विलेख।
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काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
बयनामा (विक्रय विलेख)
यह बयनामा आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को अमरनगर में निम्नलिखित पक्षों के बीच लिखा व निष्पादित किया गया:-
विक्रम सिंह पुत्र श्री हरबंस सिंह, आयु लगभग 52 वर्ष, निवासी मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब (जिसे आगे "विक्रेता" कहा गया है, और इस शब्द में संदर्भ के विपरीत न होने पर उसके वारिस, क़ानूनी प्रतिनिधि व समनुदेशिती शामिल होंगे) प्रथम पक्ष।
तथा
रोहन कुमार पुत्र श्री ओम प्रकाश, आयु लगभग 37 वर्ष, निवासी मकान नं. 12, गली नं. 3, नानक नगर, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब (जिसे आगे "क्रेता" कहा गया है, और इस शब्द में संदर्भ के विपरीत न होने पर उसके वारिस, क़ानूनी प्रतिनिधि व समनुदेशिती शामिल होंगे) द्वितीय पक्ष।
चूँकि विक्रेता नीचे की अनुसूची में वर्णित संपत्ति (आगे "उक्त संपत्ति") का पूर्ण मालिक व क़ाबिज़ है, जो उसे बयनामा नं. 2214 दिनांक 12-05-2011 (सब-रजिस्ट्रार अमरनगर) द्वारा प्राप्त हुई;
चूँकि विक्रेता उक्त संपत्ति ₹45,00,000 (पैंतालीस लाख रुपये मात्र) में बेचने और क्रेता उसे ख़रीदने पर सहमत हैं;
अब यह विलेख साक्षी है और दोनों पक्ष निम्नलिखित पर सहमत हैं:-
1.यह कि ₹45,00,000 (पैंतालीस लाख रुपये मात्र) के प्रतिफल में (भुगतान: ₹5,00,000 पहले बयाने में और ₹40,00,000 आज आरटीजीएस से), जिसकी पूरी प्राप्ति विक्रेता स्वीकार करता है, विक्रेता उक्त संपत्ति सभी अधिकारों, सुखाधिकारों और अनुलग्नकों सहित क्रेता को पूर्ण मालिक के रूप में बेचता, हस्तांतरित और अंतरित करता है।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- मालिकाना हक़ के काग़ज़: पिछली रजिस्ट्री, ताज़ा जमाबंदी (फ़र्द) और इंतक़ाल, या नगर निकाय या प्राधिकरण का रिकॉर्ड
- इलाक़े के हिसाब से ज़रूरी अनापत्ति या नो ड्यूज़ प्रमाण पत्र (जैसे नगर निकाय के संपत्ति कर का, या विकास प्राधिकरण की हस्तांतरण अनुमति), और संपत्ति रहन हो तो बैंक का
- दोनों पक्ष (या उनके मुख़्तार), हर एक फ़ोटो पहचान पत्र के साथ, और जहाँ मूल्य के कारण आयकर नियम माँगें वहाँ पैन कार्ड
- हर पक्ष की दो पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो (दफ़्तर भी फ़ोटो और अँगूठे का निशान लेता है)
- फ़ोटो पहचान पत्र वाले दो गवाह, जो विलेख पर हस्ताक्षर करें और पक्षों की पहचान करें
कहाँ जाना है
रजिस्ट्री उस सब-रजिस्ट्रार के दफ़्तर में होती है जहाँ संपत्ति है (पंजाब और हरियाणा में प्रायः तहसीलदार या नायब तहसीलदार), जहाँ सुविधा हो वहाँ राज्य की ऑनलाइन रजिस्ट्री अपॉइंटमेंट से लिए समय पर; दोनों पक्ष और गवाह स्वयं हाज़िर होते हैं।
फ़ीस
स्टाम्प शुल्क राज्य की अनुसूची के अनुसार, क़ीमत या कलेक्टर रेट में से जो ज़्यादा हो उस पर लगता है (कुछ राज्य, जैसे पंजाब और हरियाणा, महिला ख़रीदार से कम लेते हैं); रजिस्ट्री फ़ीस अलग है। ई-स्टाम्प ख़रीदने से पहले आज की राशि सब-रजिस्ट्रार के दफ़्तर से पूछें।
ध्यान दें
- विलेख को हस्ताक्षर के चार महीने के भीतर रजिस्ट्री के लिए पेश करें; बाद में केवल ठोस कारण होने पर, अगले चार महीनों में और जुर्माने के साथ।
- जहाँ क़ीमत आयकर क़ानून की सीमा से ऊपर हो, वहाँ क्रेता स्रोत पर कर (टीडीएस) काटकर ऑनलाइन जमा करता है; रजिस्ट्री से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट से पूछें।
- रजिस्ट्री के बाद इंतक़ाल दर्ज करवाएँ, या नगर निकाय या प्राधिकरण का रिकॉर्ड बदलवाएँ: "इंतक़ाल हेतु प्रार्थना पत्र" देखें।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
डीड और इकरारनामों पर स्टाम्प शुल्क राज्य, दस्तावेज़ और उसकी राशि पर निर्भर करता है; कुछ का सब-रजिस्ट्रार के यहाँ पंजीकरण ज़रूरी है। स्टाम्प पेपर पर छापने से पहले मौजूदा शुल्क और नियम जाँच लें।