विकास (कोलैबोरेशन) इक़रारनामा: ज़मीन मालिक और बिल्डर
ज़मीन मालिक बिल्डर को ज़मीन विकसित करने के लिए देता है, फ़्लैटों या बिक्री की राशि में हिस्से के बदले: मंज़ूरियाँ, रेरा, समय-सीमा, ख़र्च, मुख़्तारनामा, चूक और मध्यस्थता।
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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
विकास (कोलैबोरेशन) इक़रारनामा
यह विकास (कोलैबोरेशन) इक़रारनामा आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को अमरनगर में गुरदेव सिंह पुत्र श्री करनैल सिंह, आयु लगभग 48 वर्ष, निवासी मकान नं. 88, मॉडल टाउन, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब (आगे "ज़मीन मालिक") तथा वर्मा बिल्डटेक एलएलपी (एलएलपीआईएन AAA-0000, पंजीकृत कार्यालय एससीओ 21, सेक्टर 9, शांतिपुर), द्वारा अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता अनिल वर्मा पुत्र श्री रमेश वर्मा, आयु लगभग 31 वर्ष, निवासी मकान नं. 204, सेक्टर 9, शांतिपुर, ज़िला शांतिपुर, हरियाणा (आगे "डेवलपर") के बीच लिखा गया। प्रत्येक पक्ष में उसके वारिस, क़ानूनी प्रतिनिधि व समनुदेशिती शामिल हैं।
चूँकि ज़मीन मालिक नीचे की अनुसूची में वर्णित ज़मीन (आगे "उक्त ज़मीन") का पूर्ण मालिक व क़ाबिज़ है, जो उसे अपने पिता करनैल सिंह से विरासत, इंतक़ाल नं. 3321 द्वारा प्राप्त हुई;
चूँकि डेवलपर अचल संपत्ति के निर्माण और बिक्री का काम करता है, और उसने अपने ख़र्च पर उक्त ज़मीन पर स्टिल्ट पार्किंग और पाँच मंज़िलों वाली रिहायशी इमारत, जिसमें दस फ़्लैट होंगे (आगे "प्रोजेक्ट") बनाकर उसे विकसित करने का प्रस्ताव दिया है;
चूँकि ज़मीन मालिक ने नीचे लिखे हिस्से के बदले, आगे की शर्तों पर, यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है;
अतः दोनों पक्ष निम्नलिखित पर सहमत हैं:-
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- मालिकाना हक़ का सबूत: बयनामा, दान-पत्र या अन्य विलेख, ताज़ा जमाबंदी (फ़र्द) और इंतक़ाल सहित, या शहरी प्लॉट के लिए नगर निकाय या प्राधिकरण का रिकॉर्ड
- ज़मीन का साइट प्लान या अक्स शजरा, और हदों पर शक हो तो निशानदेही की रिपोर्ट
- मालिकाना हक़ की सर्च रिपोर्ट (प्रायः डेवलपर का वकील निकलवाता है), और ज़मीन रहन हो तो बैंक का अनापत्ति प्रमाण पत्र
- ज़मीन मालिक का पहचान पत्र, पैन कार्ड और फ़ोटो; ज़मीन साझी हो तो हर सह-मालिक को शामिल होकर हस्ताक्षर करने होंगे
- डेवलपर के लिए: निगमन प्रमाण पत्र या साझेदारी विलेख, पैन, जीएसटी पंजीकरण, और हस्ताक्षर करने वाले के लिए बोर्ड प्रस्ताव या अधिकार पत्र
- पहले से ली गई कोई मंज़ूरी (भूमि-उपयोग परिवर्तन, लाइसेंस, पास नक़्शा), और ज़मीन मालिक की यूनिटें तय हों तो उनकी सूची या नक़्शा
- दो गवाह, हर एक अपने पहचान पत्र सहित
कहाँ जाना है
दोनों पक्ष दो गवाहों के सामने हस्ताक्षर करते हैं और इसकी रजिस्ट्री प्रायः उस सब-रजिस्ट्रार के यहाँ होती है जिसके क्षेत्र में ज़मीन है; ज़मीन मालिक और डेवलपर (या उसका अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता) पहचान पत्र सहित स्वयं हाज़िर होते हैं। डेवलपर को मुख़्तारनामा अलग विलेख है, जो प्रायः उसी दिन रजिस्टर्ड होता है।
फ़ीस
स्टाम्प शुल्क राज्य के अनुसार अलग है: कुछ राज्य विकास इक़रारनामे को इक़रारनामे की तरह लेते हैं, कुछ ज़मीन या दिए गए हिस्से के मूल्य पर बैनामे की तरह। रजिस्ट्री फ़ीस अलग है। ई-स्टाम्प ख़रीदने से पहले सब-रजिस्ट्रार से पूछें।
ध्यान दें
- हस्ताक्षर से पहले वकील से मालिकाना हक़ की जाँच करवाएँ, और हर मंज़ूरी की एक प्रति ज़मीन मालिक की अपनी फ़ाइल में रखें।
- जहाँ भू-संपदा क़ानून (रेरा) लागू हो, वहाँ प्रोजेक्ट के भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण में पंजीकरण से पहले कोई फ़्लैट या प्लॉट न विज्ञापित हो सकता है न बुक।
- ज़मीन मालिक के हिस्से और सिक्योरिटी राशि का आयकर और जीएसटी पर असर हो सकता है; हस्ताक्षर से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट से पूछें।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
विकास इक़रारनामे पर स्टाम्प शुल्क राज्य के अनुसार अलग है: कुछ इसे इक़रारनामे की तरह लेते हैं, कुछ ज़मीन या दिए गए हिस्से के मूल्य पर बैनामे की तरह, ख़ासकर जब इसके साथ क़ब्ज़ा या बेचने का मुख़्तारनामा दिया जाए। इसकी रजिस्ट्री प्रायः होती है, और जब यह आंशिक पालन में क़ब्ज़ा दे तो ज़रूरी है (रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908, धारा 17(1ए))। ई-स्टाम्प ख़रीदने से पहले सब-रजिस्ट्रार से पूछ लें।