किरायानामा, दुकान
11 महीने तक किसी तय कारोबार के लिए दुकान किराये पर देना।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
किरायानामा (दुकान)
यह किरायानामा आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को अमरनगर में निम्नलिखित पक्षों के बीच लिखा व निष्पादित किया गया:-
विक्रम सिंह पुत्र श्री हरबंस सिंह, आयु लगभग 52 वर्ष, निवासी मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब (जिसे आगे "मालिक" कहा गया है, और इस शब्द में संदर्भ के विपरीत न होने पर उसके वारिस, क़ानूनी प्रतिनिधि व समनुदेशिती शामिल होंगे) प्रथम पक्ष।
तथा
शर्मा हार्डवेयर, द्वारा प्रोप्राइटर कबीर शर्मा पुत्र श्री देव शर्मा, आयु लगभग 44 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब (जिसे आगे "किरायेदार" कहा गया है, और इस शब्द में संदर्भ के विपरीत न होने पर उसके वारिस, क़ानूनी प्रतिनिधि व समनुदेशिती शामिल होंगे) द्वितीय पक्ष।
अब यह विलेख साक्षी है और दोनों पक्ष निम्नलिखित पर सहमत हैं:-
1.यह कि मालिक ने दुकान नं. 3, मेन बाज़ार, अमरनगर, नाप 10 फ़ुट × 30 फ़ुट (आगे "उक्त स्थान") किरायेदार को दिनांक 01-11-2026 से 11 महीनों के लिए किराये पर दिया है।
2.यह कि किरायेदार मालिक को ₹18,000 (अठारह हज़ार रुपये मात्र) मासिक किराया हर महीने की 10 तारीख़ तक अदा करेगा।
3.यह कि किरायेदार ने मालिक को ₹54,000 (चौवन हज़ार रुपये मात्र) बिना ब्याज की सिक्योरिटी राशि के रूप में दिए हैं, जो उक्त स्थान ख़ाली करने पर बकाया किराया, बिल या सामान्य टूट-फूट से अधिक नुक़सान की राशि काटकर लौटाई जाएगी।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- मालिक का पहचान पत्र, और मालिकाना हक़ या किराये पर देने के अधिकार का सबूत, जैसे बयनामा, संपत्ति कर की रसीद या बिजली का बिल
- किरायेदार का पहचान पत्र, पैन कार्ड और दो फ़ोटो; फ़र्म या कंपनी के लिए उसका पंजीकरण और हस्ताक्षर करने वाले का अधिकार पत्र
- दी गई सिक्योरिटी राशि का सबूत, जैसे बैंक ट्रांसफ़र का रिकॉर्ड, और पहले दिन की मीटर रीडिंग
- दो गवाह, हर एक अपने पहचान पत्र सहित
कहाँ जाना है
मालिक और किरायेदार इस पर, प्रायः ई-स्टाम्प पेपर पर, दो गवाहों के सामने हस्ताक्षर करते हैं; कई लोग नोटरी से तस्दीक़ भी करवाते हैं। 11 महीने के किरायानामे की रजिस्ट्री प्रायः नहीं होती; एक साल या उससे ज़्यादा के पट्टे की रजिस्ट्री सब-रजिस्ट्रार के दफ़्तर में ज़रूरी है।
फ़ीस
ई-स्टाम्प शुल्क राज्य की अनुसूची के अनुसार किराये और सिक्योरिटी राशि से तय होता है; नोटरी की फ़ीस काउंटर पर दी जाती है। आज की राशि वहीं पूछें।
ध्यान दें
- दुकान या अन्य व्यावसायिक जगह के किराये पर जीएसटी लग सकता है जब मालिक जीएसटी में पंजीकृत हो; चार्टर्ड अकाउंटेंट से पूछें।
- दफ़्तर अक्सर दुकान के पते के सबूत के तौर पर किरायानामा माँगते हैं: जीएसटी पंजीकरण, राज्य के दुकान क़ानून के तहत दुकान के पंजीकरण, या ट्रेड लाइसेंस के लिए।
- कई ज़िलों में दुकान के किरायेदारों का भी पुलिस सत्यापन ज़रूरी है; थाने में या, पंजाब में, सांझ केंद्र पर पूछें।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
डीड और इकरारनामों पर स्टाम्प शुल्क राज्य, दस्तावेज़ और उसकी राशि पर निर्भर करता है; कुछ का सब-रजिस्ट्रार के यहाँ पंजीकरण ज़रूरी है। स्टाम्प पेपर पर छापने से पहले मौजूदा शुल्क और नियम जाँच लें।