इंतक़ाल हेतु प्रार्थना पत्र
राजस्व रिकॉर्ड में ज़मीन नए मालिकों के नाम दर्ज करवाना।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
सेवा में,
तहसीलदार / राजस्व अधिकारी,
तहसील अमरनगर
विषय: इंतक़ाल दर्ज व मंज़ूर करने बारे
महोदय/महोदया,
1.यह कि नीचे वर्णित ज़मीन करनैल सिंह के नाम दर्ज थी। करनैल सिंह की मृत्यु दिनांक 18-01-2024 को हुई और ज़मीन विरासत में नीचे लिखे व्यक्तियों को मिली है।
ज़मीन: गाँव कल्याणपुर, हदबस्त नं. 112, खेवट नं. 77, खतौनी नं. 102, ख़सरा नं. 45/2 व 45/3, रक़बा 16 कनाल 4 मरला, जमाबंदी साल 2022-23 के अनुसार
2.यह कि अब इंतक़ाल इनके हक़ में दर्ज व मंज़ूर होना चाहिए:
(क)हरभजन कौर (विधवा), एक-तिहाई
(ख)गुरदेव सिंह (पुत्र), एक-तिहाई
(ग)हरप्रीत कौर (पुत्री), एक-तिहाई
3.यह कि प्रार्थना है कि उचित जाँच के बाद इंतक़ाल तदनुसार दर्ज व मंज़ूर किया जाए।
धन्यवाद सहित,
दिनांक: 12-10-2026
गुरदेव सिंह
मकान नं. 88, मॉडल टाउन, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
फ़ोन: 0000000005
संलग्न:
मृत्यु प्रमाण पत्र, जमाबंदी की नक़ल, वारिसों के आधार कार्ड
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- विरासत या वसीयत के लिए: पिछले मालिक का मृत्यु प्रमाण पत्र (फ़ोटोकॉपी; दिखाने के लिए मूल)
- वसीयत के लिए वसीयत ख़ुद (रजिस्टर्ड हो तो उसके ब्योरे सहित); बिक्री या दान के लिए रजिस्टर्ड विलेख की प्रति
- ज़मीन की ताज़ा जमाबंदी (फ़र्द) की नक़ल, फ़र्द केंद्र या पटवारी से
- आवेदक और हर वारिस या नए मालिक के पहचान पत्र (फ़ोटोकॉपी)
- विरासत के लिए: रिश्तों का प्रमाण और "विरासत की ज़मीन के इंतक़ाल का शपथ पत्र"
- नंबरदार या सरपंच, या गाँव के दो इज़्ज़तदार व्यक्ति, अगर पटवारी कहे
कहाँ जाना है
गाँव के पटवारी को, या फ़र्द केंद्र या तहसील में, तहसीलदार के नाम दिया जाता है। पटवारी इंतक़ाल दर्ज करता है, और राजस्व अधिकारी संबंधित लोगों को सुनकर उसे मंज़ूर करता है, प्रायः गाँव में या तहसील में।
फ़ीस
आवेदन सादे काग़ज़ पर होता है; तहसील राज्य की इंतक़ाल फ़ीस लेती है, और फ़र्द केंद्र हर नक़ल की फ़ीस। आज की राशि पूछें।
ध्यान दें
- विरासत की सूचना जल्दी दें: भू-राजस्व अधिनियम वारिसों से तीन महीने के भीतर पटवारी को सूचना देने को कहता है।
- हर वारिस का नाम लिखें, बेटियों का भी; वसीयत के आधार पर इंतक़ाल प्रायः दूसरे वारिसों को नोटिस देकर ही मंज़ूर होता है, और वे आपत्ति कर सकते हैं।
- इंतक़ाल या निशानदेही केवल मौक़े की स्थिति दर्ज करते हैं; ये तय नहीं करते कि ज़मीन का मालिक कौन है, और झगड़ा दीवानी अदालत में जाता है।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
सादा काग़ज़ काफ़ी है।