दान पत्र / हिब्बानामा (ख़ून के रिश्तेदार को)
नज़दीकी रिश्तेदार को संपत्ति दान करना। कई राज्यों में इस पर स्टाम्प शुल्क कम या शून्य है।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
दान पत्र (हिब्बानामा)
यह दान पत्र आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को अमरनगर में निम्नलिखित पक्षों के बीच लिखा व निष्पादित किया गया:-
गुरदेव सिंह पुत्र श्री करनैल सिंह, आयु लगभग 48 वर्ष, निवासी मकान नं. 88, मॉडल टाउन, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब (जिसे आगे "दाता" कहा गया है, और इस शब्द में संदर्भ के विपरीत न होने पर उसके वारिस, क़ानूनी प्रतिनिधि व समनुदेशिती शामिल होंगे) प्रथम पक्ष।
तथा
सिमरन कौर पुत्री श्री गुरदेव सिंह, आयु लगभग 19 वर्ष, निवासी मकान नं. 88, मॉडल टाउन, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब (जिसे आगे "आदाता" कहा गया है, और इस शब्द में संदर्भ के विपरीत न होने पर उसके वारिस, क़ानूनी प्रतिनिधि व समनुदेशिती शामिल होंगे) द्वितीय पक्ष।
चूँकि दाता नीचे की अनुसूची में वर्णित संपत्ति (आगे "उक्त संपत्ति") का पूर्ण मालिक है, जो उसे अपने पिता करनैल सिंह से विरासत, इंतक़ाल नं. 3321 द्वारा प्राप्त हुई;
अब यह विलेख साक्षी है और दोनों पक्ष निम्नलिखित पर सहमत हैं:-
1.यह कि आदाता, जो दाता का पुत्री है, के प्रति स्वाभाविक प्रेम व स्नेह के कारण, बिना किसी प्रतिफल के, दाता उक्त संपत्ति आदाता को पूर्ण रूप से और हमेशा के लिए दान करता है; इसका बाज़ार मूल्य ₹18,00,000 (अठारह लाख रुपये मात्र) है।
2.यह कि आदाता ने यह दान स्वीकार कर लिया है और दाता ने आज उक्त संपत्ति का क़ब्ज़ा आदाता को दे दिया है।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- मालिकाना हक़ के काग़ज़: पिछली रजिस्ट्री, ताज़ा जमाबंदी (फ़र्द) और इंतक़ाल, या नगर निकाय या प्राधिकरण का रिकॉर्ड
- रिश्ते का प्रमाण: परिवार रजिस्टर, राशन कार्ड या फ़ैमिली आईडी (हरियाणा), या जन्म और विवाह प्रमाण पत्र
- दोनों पक्ष (या उनके मुख़्तार), हर एक फ़ोटो पहचान पत्र के साथ, और जहाँ मूल्य के कारण आयकर नियम माँगें वहाँ पैन कार्ड
- हर पक्ष की दो पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो (दफ़्तर भी फ़ोटो और अँगूठे का निशान लेता है)
- फ़ोटो पहचान पत्र वाले दो गवाह, जो विलेख पर हस्ताक्षर करें और पक्षों की पहचान करें
कहाँ जाना है
रजिस्ट्री उस सब-रजिस्ट्रार के दफ़्तर में होती है जहाँ संपत्ति है (पंजाब और हरियाणा में प्रायः तहसीलदार या नायब तहसीलदार), जहाँ सुविधा हो वहाँ राज्य की ऑनलाइन रजिस्ट्री अपॉइंटमेंट से लिए समय पर; दोनों पक्ष और गवाह स्वयं हाज़िर होते हैं।
फ़ीस
कई राज्य अपनी सूची के रिश्तेदार को दिए दान पर कम या कोई स्टाम्प शुल्क नहीं लेते; रजिस्ट्री फ़ीस प्रायः फिर भी लगती है। ई-स्टाम्प ख़रीदने से पहले सब-रजिस्ट्रार से पूछें।
ध्यान दें
- ज़मीन या मकान के दान के लिए रजिस्टर्ड विलेख ज़रूरी है, और दान लेने वाले को दानकर्ता के जीवनकाल में ही इसे स्वीकार करना होता है (धारा 122 और 123 संपत्ति अंतरण अधिनियम)।
- विलेख को हस्ताक्षर के चार महीने के भीतर रजिस्ट्री के लिए पेश करें; बाद में केवल ठोस कारण होने पर, अगले चार महीनों में और जुर्माने के साथ।
- रजिस्ट्री के बाद इंतक़ाल दर्ज करवाएँ, या नगर निकाय या प्राधिकरण का रिकॉर्ड बदलवाएँ: "इंतक़ाल हेतु प्रार्थना पत्र" देखें।
- देखभाल की लिखित शर्त पर संपत्ति दान करने वाला वरिष्ठ नागरिक शर्त टूटने पर भरण-पोषण अधिकरण से दान रद्द करवा सकता है (वरिष्ठ नागरिक अधिनियम की धारा 23)।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
डीड और इकरारनामों पर स्टाम्प शुल्क राज्य, दस्तावेज़ और उसकी राशि पर निर्भर करता है; कुछ का सब-रजिस्ट्रार के यहाँ पंजीकरण ज़रूरी है। स्टाम्प पेपर पर छापने से पहले मौजूदा शुल्क और नियम जाँच लें।