पक्षकार जोड़ने हेतु प्रार्थना पत्र (आदेश 1 नियम 10)
ज़रूरी व्यक्ति को मुक़दमे में पक्षकार बनाना।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
न्यायालय श्रीमान सिविल जज (जूनियर डिवीज़न), अमरनगर
दीवानी दावा नं. 412 सन् 2025
बनाम
आदेश 1 नियम 10 सीपीसी के अंतर्गत प्रार्थना पत्र
निवेदन है कि:-
1.यह कि मीरा शर्मा, मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर उपरोक्त मुक़दमे में आवश्यक या उचित पक्षकार है, क्योंकि प्रतिवादी ने दावे के दौरान आधा परिसर उसे बेच दिया है।
2.यह कि इस पक्षकार के बिना मुक़दमे के प्रश्नों का पूर्ण व प्रभावी निर्णय नहीं हो सकता।
प्रार्थना:
अतः श्रीमान जी से प्रार्थना है कि मीरा शर्मा, मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर को उपरोक्त मुक़दमे में प्रतिवादी नं. 2 के रूप में जोड़ा जाए और संशोधित पक्षकार सूची रिकॉर्ड पर ली जाए।
न्याय के हित में अन्य कोई राहत जो माननीय न्यायालय उचित समझे, वह भी दी जाए।
दिनांक: 12-10-2026
द्वारा अधिवक्ता
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- मुख्य मुक़दमा: उसका नंबर और साल, अदालत, पक्षों के नाम और अगली तारीख़
- जोड़े जाने वाले व्यक्ति का पूरा नाम, पिता या पति का नाम और पता
- वह व्यक्ति क्यों ज़रूरी है यह दिखाने वाले काग़ज़: उसके नाम का बयनामा या इंतक़ाल, साझेदारी विलेख, या हिस्सा दिखाने वाली जमाबंदी
- संशोधित पक्षकार सूची (मेमो ऑफ़ पार्टीज़), नए पक्ष को जोड़कर
कहाँ जाना है
आपके वकील के माध्यम से उसी अदालत में दाख़िल होता है जहाँ मुक़दमा चल रहा है; मंज़ूर होने पर संशोधित पक्षकार सूची रिकॉर्ड पर ली जाती है और अदालत नए पक्ष को नोटिस या सम्मन भेजती है।
फ़ीस
जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट, और हर नोटिस या सम्मन का तलबाना, अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार; आज की राशि काउंटर पर पूछें। वकील की फ़ीस अलग है।
ध्यान दें
- प्रतिवादी के रूप में जोड़े गए व्यक्ति के लिए दावा प्रायः जोड़ने की तारीख़ से ही दाख़िल माना जाता है, इसलिए देरी से उसके विरुद्ध दावा मियाद से बाहर हो सकता है (धारा 21 परिसीमा अधिनियम)।
- अगर किसी पक्ष की मृत्यु हुई है, तो इसकी जगह "क़ानूनी प्रतिनिधियों (वारिसान) को रिकॉर्ड पर लाने हेतु प्रार्थना पत्र (आदेश 22 नियम 3/4 सीपीसी)" दें।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।