एकपक्षीय डिक्री रद्द करने हेतु प्रार्थना पत्र (आदेश 9 नियम 13)
आपकी अनुपस्थिति में पारित डिक्री रद्द करवाना।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
न्यायालय श्रीमान सिविल जज (जूनियर डिवीज़न), अमरनगर
दीवानी दावा नं. 412 सन् 2025
बनाम
आदेश 9 नियम 13 सीपीसी के अंतर्गत एकपक्षीय डिक्री रद्द करने हेतु प्रार्थना पत्र
निवेदन है कि:-
1.यह कि दिनांक 10-08-2026 को प्रार्थी के विरुद्ध दावा एकपक्षीय डिक्री हो गया।
2.यह कि प्रार्थी उपस्थित नहीं हो सका, क्योंकि उसे कभी सम्मन तामील नहीं हुआ; तामील की रिपोर्ट ग़लत पते पर की गई।
3.यह कि प्रार्थी को डिक्री का पता दिनांक 05-10-2026 को ही चला और यह प्रार्थना पत्र उसके तीस दिन के भीतर दाख़िल है।
4.यह कि गुण-दोष पर प्रार्थी का बचाव मज़बूत है और सुनवाई न होने पर उसके साथ घोर अन्याय होगा।
प्रार्थना:
अतः श्रीमान जी से प्रार्थना है कि दिनांक 10-08-2026 की एकपक्षीय डिक्री रद्द करके प्रार्थी को दावे में बचाव का अवसर दिया जाए।
न्याय के हित में अन्य कोई राहत जो माननीय न्यायालय उचित समझे, वह भी दी जाए।
दिनांक: 12-10-2026
द्वारा अधिवक्ता
सत्यापन
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- एकपक्षीय फ़ैसले और डिक्री की प्रमाणित प्रति
- आप हाज़िर क्यों नहीं हो सके इसका सबूत, तारीख़ों सहित: इलाज के काग़ज़, उस पते पर न रहना, या यह सबूत कि सम्मन आप तक पहुँचा ही नहीं
- डिक्री का पता कब चला इसका सबूत: इजराय का नोटिस, कोई पत्र, या फ़ाइल देखने की तारीख़
- आपके बचाव के काग़ज़, ताकि वकील दिखा सकें कि आपका मामला गुण-दोष पर मज़बूत है
- आपका पहचान पत्र, और आपके वकील के नाम आपके हस्ताक्षर वाला वकालतनामा
कहाँ जाना है
वकील के माध्यम से उसी अदालत में, जिसने डिक्री दी, समर्थन वाले शपथ पत्र सहित दाख़िल होता है; डिक्रीदार को नोटिस जाता है और वह विरोध कर सकता है।
फ़ीस
जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगते हैं; आज की राशि काउंटर पर पूछें। वकील की फ़ीस अलग है।
ध्यान दें
- डिक्री के 30 दिन के भीतर दाख़िल करें या, अगर सम्मन की तामील आप पर ठीक से नहीं हुई, तो उसका पता चलने के 30 दिन के भीतर।
- अगर मियाद पहले ही निकल चुकी है, तो इसके साथ "विलंब माफ़ी हेतु प्रार्थना पत्र (धारा 5 परिसीमा अधिनियम)" दें और देरी दिन-ब-दिन समझाएँ।
- अगर डिक्री का इजराय चल रहा है, तो अपने वकील से इस बीच रोक माँगने को कहें; अदालत शर्तें लगा सकती है, जैसे रक़म जमा करना।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।