दस्तावेज़ या गवाह तलब करने हेतु प्रार्थना पत्र (धारा 94/348 बीएनएसएस)
फ़ौजदारी अदालत से कोई दस्तावेज़ या वस्तु मँगवाने (धारा 94), या गवाह तलब करने या दोबारा बुलाने (धारा 348) की माँग।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
न्यायालय श्रीमान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, अमरनगर
फ़ौजदारी मुक़दमा नं. 1402 सन् 2026
बनाम
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 94 के अंतर्गत दस्तावेज़ या वस्तु तलब करने हेतु प्रार्थना पत्र
निवेदन है कि:-
1.यह कि उपरोक्त मुक़दमा माननीय न्यायालय में बचाव साक्ष्य के चरण पर विचाराधीन है और दिनांक 28-10-2026 के लिए तय है। प्रार्थी इस मुक़दमे में अभियुक्त है।
2.यह कि विचारण के लिए यह दस्तावेज़ या वस्तु आवश्यक है: शिकायतकर्ता कबीर शर्मा के खाता नं. 000000000000 की दिनांक 01-04-2026 से 30-09-2026 तक की स्टेटमेंट, जो अमर सहकारी बैंक, मेन बाज़ार, अमरनगर के पास है। इसकी आवश्यकता इसलिए है, क्योंकि इससे पता चलेगा कि प्रार्थी ने मई और जून 2026 में उस खाते में ₹1,20,000 जमा करवाए, जिससे शिकायतकर्ता ने दिनांक 05-10-2026 को अपनी जिरह में इनकार किया। यह प्रार्थी के क़ब्ज़े में नहीं है, और माननीय न्यायालय की सहायता के बिना प्रार्थी इसे पेश नहीं कर सकता।
3.यह कि यह प्रार्थना पत्र सद्भावना से दिया गया है, विचारण में देरी के लिए नहीं। माननीय न्यायालय के निर्देश अनुसार प्रार्थी तलबाना अदा करेगा।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- दस्तावेज़ या वस्तु का पूरा विवरण (नंबर, तारीख़ें) और जिसके पास है उसका नाम व पता
- गवाह के लिए: पूरा नाम, पिता का नाम और पता; दोबारा बुलाने के लिए पिछले बयान की तारीख़
- एफ़आईआर या शिकायत की प्रति
कहाँ जाना है
वकील के माध्यम से विचारण न्यायालय में, आमतौर पर गवाही के चरण पर, दाख़िल होता है।
फ़ीस
तलबाना, और अदालत कहे तो गवाह का आने-जाने का ख़र्च, अदालत में जमा होता है; राशि वहीं पूछें।
ध्यान दें
- साफ़ बताएँ कि मुक़दमे के लिए यह क्यों ज़रूरी है; केवल सबूत टटोलने या देरी वाली माँगें अदालत नामंज़ूर कर देती है।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।