आत्मसमर्पण हेतु प्रार्थना पत्र (अभियुक्त का अदालत में पेश होना)

अभियुक्त मजिस्ट्रेट के सामने आत्मसमर्पण करता है, हिरासत में लेने और उसी दिन ज़मानत सुनने की प्रार्थना करता है।

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काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

न्यायालय श्रीमान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, अमरनगर

एफ़आईआर नं. 000 सन् 2026

रोहन कुमार पुत्र श्री ओम प्रकाश, आयु लगभग 37 वर्ष, निवासी मकान नं. 12, गली नं. 3, नानक नगर, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
…प्रार्थी / अभियुक्त

बनाम

पंजाब राज्य
…प्रत्यर्थी / राज्य

अभियुक्त की ओर से आत्मसमर्पण स्वीकार कर हिरासत में लेने और उसी दिन ज़मानत प्रार्थना पत्र सुनने हेतु प्रार्थना पत्र

निवेदन है कि:-

1.यह कि एफ़आईआर नं. 000/2026 दिनांक 25-09-2026 धारा 318(4) व 316(2) बीएनएस, थाना सिटी अमरनगर दर्ज हुई है, जिसमें प्रार्थी को अभियुक्त बनाया गया है, और प्रार्थी के विरुद्ध दिनांक 09-10-2026 के ग़ैर-ज़मानती वारंट जारी हुए हैं।

2.यह कि प्रार्थी क़ानून का पालन करने वाला व्यक्ति है और कार्यवाही का सामना करना चाहता है। प्रार्थी आज अपनी मर्ज़ी से इस माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण करने आया है; प्रार्थी पहले इसलिए पेश नहीं हो सका क्योंकि वह 03-10-2026 से 10-10-2026 तक शांतिपुर के अस्पताल में भर्ती था।

3.यह कि प्रार्थी स्वयं अदालत में उपस्थित है और उसकी पहचान उसके अधिवक्ता करते हैं।

4.यह कि अदालत में पेश होकर आत्मसमर्पण करने वाला व्यक्ति अदालत की हिरासत में होता है, और अदालत उसके ज़मानत प्रार्थना पत्र पर विचार कर सकती है। प्रार्थी ने इस प्रार्थना पत्र के साथ नियमित ज़मानत का प्रार्थना पत्र दाख़िल किया है, और अनुरोध है कि उसे आज ही सुनकर निर्णय किया जाए, ताकि प्रार्थी को ज़रूरत से अधिक हिरासत में न रहना पड़े।

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

आरोपी वकील के साथ ख़ुद उस अदालत में आता है जहाँ मामला है (प्रायः मजिस्ट्रेट), और वकील उसकी पहचान करते हैं; अदालत आरोपी को हिरासत में लेती है और फिर ज़मानत सुनती है, अक्सर उसी दिन।

फ़ीस

जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार; ज़मानत के बॉन्ड प्रायः अदालत के छपे फ़ॉर्म पर होते हैं। आज की राशि काउंटर पर पूछें। वकील की फ़ीस अलग है।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।