चेक बाउंस शिकायत (धारा 138 सपठित धारा 142 एनआई एक्ट)
माँग नोटिस के बाद भुगतान न होने पर मजिस्ट्रेट को शिकायत।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
न्यायालय श्रीमान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, अमरनगर
बनाम
परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 सपठित धारा 142 के अंतर्गत शिकायत
निवेदन है कि:-
1.यह कि अभियुक्त ने ₹2,45,000 के उधार के भुगतान हेतु शिकायतकर्ता के पक्ष में अमर सहकारी बैंक, अमरनगर पर आहरित ₹2,45,000 (दो लाख पैंतालीस हज़ार रुपये मात्र) का चेक नं. 004512 दिनांक 02-09-2026 जारी किया।
2.यह कि चेक उसकी वैधता अवधि में प्रस्तुत किया गया और दिनांक 01-10-2026 को बिना भुगतान लौट आया।
3.यह कि शिकायतकर्ता ने लौटने के तीस दिन के भीतर दिनांक 08-10-2026 को माँग नोटिस भेजा, जो अभियुक्त को दिनांक 11-10-2026 को मिला, परंतु उसने पंद्रह दिन में भुगतान नहीं किया।
4.यह कि इस प्रकार अभियुक्त ने अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत अपराध किया है; यह शिकायत वाद-कारण के एक माह के भीतर दाख़िल है और धारा 142(2) के अंतर्गत इस न्यायालय को क्षेत्राधिकार है, क्योंकि चेक इसकी सीमा में स्थित शिकायतकर्ता के बैंक की शाखा के माध्यम से प्रस्तुत हुआ।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- मूल चेक और बैंक का रिटर्न मेमो (अदालत मूल अपने पास रखती है; फ़ोटोकॉपी आप रखें)
- माँग नोटिस की प्रति, डाक की रसीदों, ट्रैकिंग रिपोर्ट और एडी कार्ड या लौटे लिफ़ाफ़े सहित
- क़र्ज़ या देनदारी का सबूत: क़र्ज़ की रसीद या प्रोनोट, इक़रारनामा, बिल, बैंक ट्रांसफ़र या खाता बही
- आपकी बैंक स्टेटमेंट जिसमें चेक जमा होना और लौटना दिखे
- कंपनी या फ़र्म के लिए शिकायत करने वाले व्यक्ति का प्रस्ताव या अधिकार पत्र; व्यक्ति के लिए पहचान पत्र
कहाँ जाना है
वकील के माध्यम से उस जगह के न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दाख़िल होती है जहाँ आपकी बैंक शाखा है (जहाँ चेक जमा किया); अदालत आपकी गवाही, प्रायः शपथ पत्र पर, लेकर आरोपी को सम्मन करती है।
फ़ीस
जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट, और हर नोटिस या सम्मन का तलबाना, अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार; आज की राशि काउंटर पर पूछें। वकील की फ़ीस अलग है।
ध्यान दें
- नोटिस में दिए 15 दिन ख़त्म होने के बाद एक महीने के भीतर शिकायत दाख़िल करें; देर से दी गई शिकायत में अदालत को पहले पर्याप्त कारण पर देरी माफ़ करनी होती है।
- गवाही की हर तारीख़ पर मूल काग़ज़ और अपनी प्रतियाँ साथ लाएँ।
- आरोपी के पेश होकर अपराध से इनकार करने के बाद आप अंतरिम प्रतिकर माँग सकते हैं: "चेक केस में अंतरिम प्रतिकर (धारा 143-ए एनआई एक्ट)" देखें।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।