अग्रिम ज़मानत प्रार्थना पत्र (धारा 482 बीएनएसएस)

मामले में गिरफ़्तारी की आशंका पर गिरफ़्तारी से संरक्षण।

दस्तावो में मुफ़्त बनाएँ

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काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

न्यायालय श्रीमान सत्र न्यायाधीश, अमरनगर

एफ़आईआर नं. 101 सन् 2026

रोहन कुमार पुत्र श्री ओम प्रकाश, आयु लगभग 37 वर्ष, निवासी मकान नं. 12, गली नं. 3, नानक नगर, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
…प्रार्थी / अभियुक्त

बनाम

पंजाब राज्य
…प्रत्यर्थी / राज्य

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 482 के अंतर्गत अग्रिम ज़मानत हेतु प्रार्थना पत्र

निवेदन है कि:-

1.यह कि एफ़आईआर नं. 101 दिनांक 02-10-2026 धारा 318 व 316(2) बीएनएस, थाना सिटी अमरनगर दर्ज हुई है, जिसमें प्रार्थी को गिरफ़्तारी की आशंका है।

2.यह कि शिकायतकर्ता पर प्रार्थी के पैसे बकाया हैं और उसने दबाव डालने के लिए एफ़आईआर दर्ज करवाई है

3.यह कि प्रार्थी जब भी बुलाया जाए जाँच में शामिल होने और संहिता की धारा 482(2) की शर्तों का पालन करने को तैयार है।

4.यह कि प्रार्थी की समाज में गहरी जड़ें हैं, उसके भागने की संभावना नहीं है और इस मामले में उसका कोई अन्य अग्रिम ज़मानत आवेदन किसी न्यायालय में लंबित नहीं है।

प्रार्थना:

अतः श्रीमान जी से प्रार्थना है कि उपरोक्त मामले में प्रार्थी की गिरफ़्तारी होने पर उसे ज़मानत पर रिहा किया जाए और इस प्रार्थना पत्र के निर्णय तक अंतरिम संरक्षण दिया जाए।

न्याय के हित में अन्य कोई राहत जो माननीय न्यायालय उचित समझे, वह भी दी जाए।

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

वकील के माध्यम से उस ज़िले के सत्र न्यायालय में दाख़िल होता है जहाँ मामला दर्ज है (उच्च न्यायालय भी इसे सुन सकता है); अदालत प्रायः फ़ैसले से पहले पुलिस रिकॉर्ड मँगवाती है।

फ़ीस

जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार; ज़मानत के बॉन्ड प्रायः अदालत के छपे फ़ॉर्म पर होते हैं। आज की राशि काउंटर पर पूछें। वकील की फ़ीस अलग है।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।