डिफ़ॉल्ट ज़मानत प्रार्थना पत्र (धारा 187(3) बीएनएसएस)

पहली रिमांड से 60 या 90 दिन में पुलिस के चालान न देने पर अधिकार के रूप में ज़मानत।

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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।

काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

न्यायालय श्रीमान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, अमरनगर

एफ़आईआर नं. 77 सन् 2026

रोहन कुमार पुत्र श्री ओम प्रकाश, आयु लगभग 37 वर्ष, निवासी मकान नं. 12, गली नं. 3, नानक नगर, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
…प्रार्थी / अभियुक्त

बनाम

पंजाब राज्य
…प्रत्यर्थी / राज्य

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 187(3) के अंतर्गत डिफ़ॉल्ट ज़मानत हेतु प्रार्थना पत्र

निवेदन है कि:-

1.यह कि प्रार्थी को एफ़आईआर नं. 77 दिनांक 01-08-2026 धारा 318(4) व 61(2) बीएनएस, थाना सिटी अमरनगर में दिनांक 03-08-2026 को गिरफ़्तार किया गया, दिनांक 04-08-2026 को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करके पहली बार हिरासत में भेजा गया, और तब से प्रार्थी हिरासत में है।

2.यह कि जाँच ऐसे अपराध से संबंधित है जिसके लिए संहिता की धारा 187(3) में साठ दिन की अवधि तय है।

3.यह कि पहली रिमांड की तारीख़ से गिनी गई यह अवधि दिनांक 02-10-2026 को समाप्त हो गई, परंतु जाँच एजेंसी ने आज तक इस माननीय न्यायालय में संहिता की धारा 193 के अंतर्गत रिपोर्ट (चालान) दाख़िल नहीं की है, और न ही किसी क़ानून के अंतर्गत जाँच की अवधि बढ़ाने का कोई आदेश हुआ है।

4.यह कि इस अवधि के समाप्त होते ही प्रार्थी को संहिता की धारा 187(3) के अंतर्गत ज़मानत पर रिहा होने का अपरिहार्य अधिकार प्राप्त हो गया, जिसका प्रयोग ऐसी कोई रिपोर्ट दाख़िल होने से पहले इस प्रार्थना पत्र द्वारा किया जा रहा है।

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

वकील के माध्यम से उसी मजिस्ट्रेट की अदालत में दाख़िल होता है जो आरोपी का रिमांड देती है, 60 या 90 दिन पूरे होते ही और पुलिस के चालान पेश करने से पहले।

फ़ीस

जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार; ज़मानत के बॉन्ड प्रायः अदालत के छपे फ़ॉर्म पर होते हैं। आज की राशि काउंटर पर पूछें। वकील की फ़ीस अलग है।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।