एफ़आईआर दर्ज करवाने हेतु मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र (धारा 175(3) बीएनएसएस)

मजिस्ट्रेट से पुलिस को एफ़आईआर दर्ज करने का आदेश दिलवाना।

दस्तावो में मुफ़्त बनाएँ

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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।

काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

न्यायालय श्रीमान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, अमरनगर

मीरा शर्मा पत्नी श्री कबीर शर्मा, आयु लगभग 41 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
…शिकायतकर्ता

बनाम

कबीर शर्मा पुत्र श्री देव शर्मा, आयु लगभग 44 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
…प्रस्तावित अभियुक्त

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 175(3) के अंतर्गत प्रार्थना पत्र

निवेदन है कि:-

1.यह कि दिनांक 15-08-2026 को प्रस्तावित अभियुक्त ने अपनी फ़र्म में नौकरी का वादा कर शिकायतकर्ता से ₹2,00,000 लिए, और न नौकरी दी न पैसे लौटाए

2.यह कि ये तथ्य संज्ञेय अपराध दर्शाते हैं। शिकायतकर्ता पुलिस के पास इस प्रकार गया, परंतु एफ़आईआर दर्ज नहीं हुई: दिनांक 01-09-2026 को एसएचओ को और 15-09-2026 को एसएसपी अमरनगर को शिकायत।

3.यह कि संहिता की धारा 173(4) के साथ पठित धारा 175(3) तथा प्रियंका श्रीवास्तव बनाम उत्तर प्रदेश राज्य में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार यह प्रार्थना पत्र शिकायतकर्ता के शपथ पत्र से समर्थित है और पुलिस को दी गई शिकायतों की प्रतियाँ संलग्न हैं।

प्रार्थना:

अतः श्रीमान जी से प्रार्थना है कि थाना सिटी अमरनगर के प्रभारी अधिकारी को उपरोक्त तथ्यों पर एफ़आईआर दर्ज कर जाँच करने का निर्देश दिया जाए।

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

वकील के माध्यम से उस न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने दाख़िल होता है जिसके क्षेत्र में वह थाना है; मजिस्ट्रेट प्रायः फ़ैसले से पहले पुलिस अधिकारी की रिपोर्ट मँगवाते हैं।

फ़ीस

जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगते हैं; आज की राशि काउंटर पर पूछें। वकील की फ़ीस अलग है।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।