मोटर दुर्घटना दावा याचिका (धारा 166 मोटर यान अधिनियम)

मृत्यु या चोटों के लिए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में दावा: दावेदार, पीड़ित, वाहन, चालक, मालिक, बीमा कंपनी, एफ़आईआर और मुआवज़े की मदें।

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काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

माननीय मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, अमरनगर के समक्ष

दावा याचिका नं. ______ सन् 2026

कुलदीप कौर विधवा स्व. श्री जसवंत सिंह, आयु लगभग 38 वर्ष, निवासी गाँव कल्याणपुर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
…दावेदार नं. 1 व अन्य

बनाम

मोहिंदर पाल पुत्र श्री सत पाल, आयु लगभग 35 वर्ष, निवासी वार्ड नं. 5, शांतिपुर, ज़िला शांतिपुर, हरियाणा
…प्रत्यर्थी नं. 1 (चालक)

तथा

राघव ट्रांसपोर्ट कंपनी, द्वारा प्रोप्राइटर राघव बंसल पुत्र श्री नरेश बंसल, आयु लगभग 50 वर्ष, निवासी प्लॉट नं. 9, ट्रांसपोर्ट नगर, शांतिपुर, ज़िला शांतिपुर, हरियाणा
…प्रत्यर्थी नं. 2 (मालिक)

तथा

अमर जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, द्वारा शाखा प्रबंधक, माल रोड, अमरनगर
…प्रत्यर्थी नं. 3 (बीमा कंपनी)

मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 166 के अंतर्गत मोटर दुर्घटना में मृत्यु के मुआवज़े हेतु दावा याचिका

(दुर्घटना दिनांक 03-08-2026; वाहन नं. HR-00-X-0000)

निवेदन है कि:-

1.यह कि दावेदार ये हैं:

क्र.नाम, पिता या पति का नाम, आयु व पतामृतक से रिश्ता
1कुलदीप कौर विधवा स्व. श्री जसवंत सिंह, आयु लगभग 38 वर्ष, निवासी गाँव कल्याणपुर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाबविधवा
2गुरप्रीत सिंह, नाबालिग पुत्र, आयु 14 वर्ष, अपनी माँ व संरक्षक कुलदीप कौर के माध्यम से, निवासी गाँव कल्याणपुर, तहसील व ज़िला अमरनगरपुत्र
3सुरजीत कौर विधवा हरि सिंह, आयु 68 वर्ष, निवासी गाँव कल्याणपुर, तहसील व ज़िला अमरनगरमाँ

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

वकील के माध्यम से मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (प्रायः ज़िला या अतिरिक्त ज़िला न्यायाधीश) में दाख़िल होती है, जहाँ दुर्घटना हुई, जहाँ आप रहते या काम करते हैं, या जहाँ कोई प्रतिवादी रहता है।

फ़ीस

कोर्ट फ़ीस राज्य के मोटर वाहन नियमों के अनुसार, जैसा अधिकरण का काउंटर तय करे (प्रायः एक तय फ़ीस, दावे की रक़म पर नहीं)। वकील की फ़ीस अलग है।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

वादपत्र, याचिका या अपील पर कोर्ट फ़ीस राहत और उसकी मालियत के अनुसार राज्य के कोर्ट फ़ीस क़ानून से तय होती है; कोर्ट फ़ीस टिकट (या ई-कोर्ट फ़ीस की रसीद) और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।