अस्थायी निषेधाज्ञा हेतु प्रार्थना पत्र (आदेश 39 नियम 1-2)

दावे के फ़ैसले तक रोक का आदेश।

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काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

न्यायालय श्रीमान सिविल जज (जूनियर डिवीज़न), अमरनगर

दीवानी दावा नं. 412 सन् 2025

विक्रम सिंह पुत्र श्री हरबंस सिंह, आयु लगभग 52 वर्ष, निवासी मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
…प्रार्थी

बनाम

कबीर शर्मा पुत्र श्री देव शर्मा, आयु लगभग 44 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
…प्रतिवादी

आदेश 39 नियम 1 व 2 सपठित धारा 151 सीपीसी के अंतर्गत अस्थायी निषेधाज्ञा हेतु प्रार्थना पत्र

निवेदन है कि:-

1.यह कि प्रार्थी ने उपरोक्त दावा दाख़िल किया है और वादपत्र की बातें इस प्रार्थना पत्र का भाग मानी जाएँ।

2.यह कि बयनामा और नक़्शे के अनुसार दीवार पूरी तरह प्रार्थी के प्लॉट में है।

3.यह कि यदि प्रतिवादी को मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी की चारदीवारी गिराने या उस पर निर्माण करने से न रोका गया, तो प्रार्थी को अपूरणीय क्षति होगी, क्योंकि गिराई गई दीवार पहले जैसी नहीं बन सकती।

4.यह कि सुविधा का संतुलन प्रार्थी के पक्ष में है और अंतरिम आदेश होने पर प्रार्थी आदेश 39 नियम 3ए का पालन करेगा।

प्रार्थना:

अतः श्रीमान जी से प्रार्थना है कि दावे के अंतिम निर्णय तक प्रतिवादी, उसके एजेंटों व कर्मचारियों को मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी की चारदीवारी गिराने या उस पर निर्माण करने से रोका जाए और तब तक अंतरिम निषेधाज्ञा दी जाए।

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

वकील के माध्यम से दावे के साथ उसी दीवानी अदालत में दाख़िल होता है; तुरंत अंतरिम रोक के लिए अदालत उसी दिन सुन सकती है, फिर दूसरे पक्ष को नोटिस भेजती है।

फ़ीस

जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगते हैं; आज की राशि काउंटर पर पूछें। वकील की फ़ीस अलग है।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।