क़ानूनी प्रतिनिधियों (वारिसान) को रिकॉर्ड पर लाने हेतु प्रार्थना पत्र (आदेश 22 नियम 3/4 सीपीसी)

दीवानी मुक़दमे के दौरान किसी पक्ष की मृत्यु पर: 90 दिन में वारिसों को रिकॉर्ड पर लाना, या उपशमन रद्द करवाना।

दस्तावो में मुफ़्त बनाएँ

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काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

न्यायालय श्रीमान सिविल जज (जूनियर डिवीज़न), अमरनगर

दीवानी दावा नं. 412 सन् 2025

विक्रम सिंह पुत्र श्री हरबंस सिंह, आयु लगभग 52 वर्ष, निवासी मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
…प्रार्थी

बनाम

कबीर शर्मा पुत्र श्री देव शर्मा, आयु लगभग 44 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
…प्रतिवादी

आदेश 22 नियम 4 सपठित धारा 151 सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के अंतर्गत मृतक प्रतिवादी के क़ानूनी प्रतिनिधियों (वारिसान) को रिकॉर्ड पर लाने हेतु प्रार्थना पत्र, उपशमन (एबेटमेंट) रद्द करने और देरी माफ़ करने की प्रार्थना सहित

निवेदन है कि:-

1.यह कि उपरोक्त मुक़दमा इस माननीय न्यायालय में लंबित है।

2.यह कि मुक़दमे के प्रतिवादी नं. 2 जगीर सिंह की मृत्यु दिनांक 02-05-2026 को हो गई, जिसकी जानकारी प्रार्थी को दिनांक 28-09-2026 को मिली।

3.यह कि मृतक अपने पीछे निम्नलिखित क़ानूनी प्रतिनिधि (वारिस) छोड़ गए हैं, जो अब मृतक की जायदाद का प्रतिनिधित्व करते हैं:

क्रमनाममृतक से रिश्ताआयुपता
1बलवंत कौरविधवा67गाँव कल्याणपुर, तहसील व ज़िला अमरनगर
2गुरदेव सिंहपुत्र48मकान नं. 88, मॉडल टाउन, अमरनगर
3मनजीत कौरपुत्री44मकान नं. 14, सेक्टर 9, शांतिपुर

4.यह कि मुक़दमा चलाने का हक़ उपरोक्त क़ानूनी प्रतिनिधियों के विरुद्ध बना रहता है, और मुक़दमे के पूर्ण व प्रभावी निर्णय के लिए वे आवश्यक पक्षकार हैं।

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

आपके वकील के माध्यम से उसी अदालत में, जहाँ मुक़दमा या अपील चल रही है, संशोधित पक्षकार सूची सहित दाख़िल होता है; वारिसों और दूसरे पक्ष को नोटिस जाता है, और अदालत तय करती है कि जायदाद का प्रतिनिधित्व कौन करेगा।

फ़ीस

जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगते हैं; आज की राशि काउंटर पर पूछें। वकील की फ़ीस अलग है।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।