उच्च न्यायालय में अग्रिम ज़मानत याचिका (धारा 482 बीएनएसएस)
सत्र न्यायालय से इनकार के बाद पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अग्रिम ज़मानत (CRM-M), गिरफ़्तारी से अंतरिम संरक्षण सहित।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में
CRM-M नं. ______ सन् 2026
बनाम
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 482 के अंतर्गत याचिकाकर्ता को अग्रिम ज़मानत देने हेतु याचिका
(एफ़आईआर नं. 140 दिनांक 20-09-2026 धारा 316(2) व 318(4) बीएनएस, थाना सेक्टर 9, शांतिपुर में)
निवेदन है कि:-
1.यह कि एफ़आईआर नं. 140 दिनांक 20-09-2026 धारा 316(2) व 318(4) बीएनएस, थाना सेक्टर 9, शांतिपुर दर्ज हुई है, जिसमें याचिकाकर्ता को अभियुक्त बनाया गया है और उसे गिरफ़्तारी की आशंका है।
2.यह कि पुलिस याचिकाकर्ता को गिरफ़्तार करने दो बार उसके घर आ चुकी है, दिनांक 25-09-2026 और 02-10-2026 को।
3.यह कि याचिकाकर्ता ने विद्वान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, शांतिपुर के समक्ष अग्रिम ज़मानत का प्रार्थना पत्र दिया था (ज़मानत प्रार्थना पत्र नं. 0000 सन् 2026), जो दिनांक 30-10-2026 के आदेश से ख़ारिज हो गया; उस आदेश की प्रमाणित प्रति इस याचिका के साथ संलग्न है।
4.यह कि विवाद याचिकाकर्ता और शिकायतकर्ता की ट्रांसपोर्ट साझेदारी से उपजा है, जो मार्च 2026 में समाप्त हुई; हिसाब अभी होना है, और एक दीवानी विवाद को आपराधिक रंग दिया गया है।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- एफ़आईआर की प्रति
- अग्रिम ज़मानत नामंज़ूर करने वाले सत्र न्यायालय के आदेश की प्रमाणित प्रति
- आपके पक्ष के काग़ज़: इकरारनामे, बैंक स्टेटमेंट, रसीदें, पहले की शिकायतें
- आधार कार्ड या कोई अन्य फ़ोटो पहचान पत्र (फ़ोटोकॉपी; दिखाने के लिए मूल)
कहाँ जाना है
वकील के माध्यम से पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ के फ़ाइलिंग काउंटर पर दाख़िल होती है; वकील इस पर हस्ताक्षर करते हैं और वकालतनामा लगाते हैं।
फ़ीस
याचिका और वकालतनामे पर कोर्ट फ़ीस टिकट और वेलफ़ेयर टिकट उच्च न्यायालय के नियमों के अनुसार लगते हैं; आज की राशि फ़ाइलिंग काउंटर पर पूछें। वकील की फ़ीस अलग है।
ध्यान दें
- बुलावा आने पर जाँच में शामिल होने के लिए तैयार रहें; अंतरिम संरक्षण मिले तो उसके साथ शर्तें होती हैं।
- लड़कियों के विरुद्ध कुछ यौन अपराधों में अग्रिम ज़मानत नहीं मिलती; वकील बताएँगे।
- उच्च न्यायालय का काम अंग्रेज़ी में होता है: वकील अंग्रेज़ी रूप दाख़िल करते हैं, और हिंदी या पंजाबी के किसी भी काग़ज़ का आमतौर पर टाइप किया अंग्रेज़ी अनुवाद लगता है।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
उच्च न्यायालय: याचिका और वकालतनामे पर कोर्ट फ़ीस टिकट (या ई-कोर्ट फ़ीस रसीद) और वेलफ़ेयर टिकट उच्च न्यायालय के नियमों और उसके फ़ाइलिंग काउंटर के निर्देश अनुसार लगते हैं; मौजूदा राशि वहीं पूछें।