समझौते के आधार पर एफ़आईआर रद्द करने हेतु याचिका (धारा 528 बीएनएसएस)

अभियुक्त और शिकायतकर्ता में समझौते के बाद पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय (CRM-M) में एफ़आईआर रद्द करवाना; न्यायालय आमतौर पर पहले उनके बयान दर्ज करवाता है।

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काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में

CRM-M नं. ______ सन् 2026

कबीर शर्मा पुत्र श्री देव शर्मा, आयु लगभग 44 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
…याचिकाकर्ता नं. 1 व अन्य

बनाम

पंजाब राज्य
…प्रत्यर्थी नं. 1

तथा

विक्रम सिंह पुत्र श्री हरबंस सिंह, आयु लगभग 52 वर्ष, निवासी मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
…प्रत्यर्थी नं. 2

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 528 के अंतर्गत समझौते के आधार पर एफ़आईआर और उससे उत्पन्न सभी कार्यवाहियाँ रद्द करने हेतु याचिका

(एफ़आईआर नं. 93 दिनांक 28-08-2026 धारा 115(2), 351(2) व 3(5) बीएनएस, थाना सिटी अमरनगर; समझौता दिनांक 08-11-2026)

निवेदन है कि:-

1.यह कि याचिकाकर्ता ये हैं:

याचिकाकर्ता नं.नाम, पिता या पति का नाम व पता
1कबीर शर्मा पुत्र श्री देव शर्मा, आयु लगभग 44 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
2देव शर्मा पुत्र राम शर्मा, आयु लगभग 70 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर

2.यह कि प्रत्यर्थी नं. 2 के बयान पर याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध एफ़आईआर नं. 93 दिनांक 28-08-2026 धारा 115(2), 351(2) व 3(5) बीएनएस, थाना सिटी अमरनगर दर्ज हुई। संक्षेप में, प्रत्यर्थी नं. 2 का आरोप था कि दिनांक 27-08-2026 को बाज़ार में कार खड़ी करने को लेकर याचिकाकर्ताओं ने उससे झगड़ा किया, उसे साधारण चोटें पहुँचाईं और धमकी दी।

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

वकील के माध्यम से पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ के फ़ाइलिंग काउंटर पर दाख़िल होती है; वकील इस पर हस्ताक्षर करते हैं और वकालतनामा लगाते हैं।

फ़ीस

याचिका और वकालतनामे पर कोर्ट फ़ीस टिकट और वेलफ़ेयर टिकट उच्च न्यायालय के नियमों के अनुसार लगते हैं; आज की राशि फ़ाइलिंग काउंटर पर पूछें। वकील की फ़ीस अलग है।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

उच्च न्यायालय: याचिका और वकालतनामे पर कोर्ट फ़ीस टिकट (या ई-कोर्ट फ़ीस रसीद) और वेलफ़ेयर टिकट उच्च न्यायालय के नियमों और उसके फ़ाइलिंग काउंटर के निर्देश अनुसार लगते हैं; मौजूदा राशि वहीं पूछें।