मजिस्ट्रेट को निजी शिकायत (धारा 223 बीएनएसएस)
मजिस्ट्रेट के पास सीधे दाख़िल आपराधिक शिकायत।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
न्यायालय श्रीमान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, अमरनगर
बनाम
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत शिकायत
निवेदन है कि:-
1.यह कि दिनांक 20-09-2026 को लगभग शाम 7 बजे अभियुक्त ने शिकायतकर्ता को उसके घर के बाहर रोका, थप्पड़ मारा और जान से मारने की धमकी दी।
2.यह कि इन कृत्यों से धारा 115(2) व 351(2) बीएनएस के अपराध बनते हैं, जो इस न्यायालय के क्षेत्राधिकार में किए गए।
3.यह कि इस शिकायत के समर्थन में शिकायतकर्ता उसकी पड़ोसन सिमरन कौर की गवाही करवाएगी।
प्रार्थना:
अतः श्रीमान जी से प्रार्थना है कि अभियुक्त को सम्मन कर धारा 115(2) व 351(2) बीएनएस के अपराधों के लिए विचारण कर क़ानून अनुसार दंडित किया जाए।
न्याय के हित में अन्य कोई राहत जो माननीय न्यायालय उचित समझे, वह भी दी जाए।
दिनांक: 12-10-2026
द्वारा अधिवक्ता
सत्यापन
सत्यापित किया जाता है कि उपरोक्त प्रार्थना पत्र की बातें मेरी जानकारी व विश्वास के अनुसार सत्य हैं। आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को अमरनगर में सत्यापित किया।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- जो हुआ उसका सबूत: दस्तावेज़, मेडिकल रिपोर्ट (एमएलआर), फ़ोटो, संदेश, और आपके गवाहों के नाम-पते
- पुलिस को दी गई किसी शिकायत की प्रति, रसीद सहित
- आरोपियों के पूरे नाम, पिता के नाम और पते
- आपका पहचान पत्र, और आपके वकील के नाम आपके हस्ताक्षर वाला वकालतनामा
कहाँ जाना है
वकील के माध्यम से (या आप ख़ुद) उस क्षेत्र के न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने दाख़िल होती है जहाँ अपराध हुआ; मजिस्ट्रेट आपका और आपके गवाहों का शपथ पर बयान दर्ज करते हैं, जाँच करवा सकते हैं, और नए क़ानून के तहत संज्ञान लेने से पहले आरोपी को सुनते हैं।
फ़ीस
जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट, और हर नोटिस या सम्मन का तलबाना, अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार; आज की राशि काउंटर पर पूछें। वकील की फ़ीस अलग है।
ध्यान दें
- अपने बयान के लिए आएँ और तय तारीख़ों पर अपने गवाह लाएँ; आप ग़ैरहाज़िर रहे तो शिकायत ख़ारिज हो सकती है।
- केवल वही लिखें जो आप ख़ुद जानते हैं, तारीख़ों और जगहों सहित: झूठी शिकायत या झूठा शपथ पत्र अपने-आप में अपराध है।
- सरकारी कर्मचारी के विरुद्ध उसके सरकारी काम के लिए शिकायत में सरकार की मंज़ूरी (सैंक्शन) चाहिए हो सकती है; अपने वकील से पूछें।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।