अपराध के राज़ीनामे (शमन) हेतु प्रार्थना पत्र
शमनीय अपराध में समझौता स्वीकार करने की संयुक्त माँग।
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काग़ज़ की शुरुआत
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न्यायालय श्रीमान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, अमरनगर
एफ़आईआर नं. 101 सन् 2026
बनाम
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 359 के अंतर्गत शमन हेतु संयुक्त प्रार्थना पत्र
निवेदन है कि:-
1.यह कि शिकायतकर्ता व अभियुक्त ने मोहतबर व्यक्तियों की मदद से एफ़आईआर नं. 101 दिनांक 02-10-2026 धारा 318 व 316(2) बीएनएस, थाना सिटी अमरनगर का विवाद इन शर्तों पर निपटा लिया है: अभियुक्त ने शिकायतकर्ता को ₹50,000 दे दिए हैं।
2.यह कि अपराध संहिता की धारा 359 के अंतर्गत शमनीय हैं, समझौता स्वेच्छा से और बिना दबाव है, और शिकायतकर्ता मुक़दमा आगे नहीं चलाना चाहता।
प्रार्थना:
अतः श्रीमान जी से प्रार्थना है कि अपराध का शमन स्वीकार कर अभियुक्त को बरी किया जाए।
न्याय के हित में अन्य कोई राहत जो माननीय न्यायालय उचित समझे, वह भी दी जाए।
दिनांक: 12-10-2026
द्वारा अधिवक्ता
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- एफ़आईआर या शिकायत की प्रति, और अदालत का ताज़ा आदेश
- लिखित समझौता, दोनों पक्षों और दो गवाहों के हस्ताक्षर सहित (मूल और प्रतियाँ)
- शिकायतकर्ता और हर आरोपी के पहचान पत्र (दिखाने के लिए मूल)
- समझौते के तहत कोई भुगतान: ड्राफ़्ट या चेक, या भुगतान हो चुकने का सबूत
कहाँ जाना है
दोनों पक्षों के वकीलों के माध्यम से विचारण न्यायालय में संयुक्त रूप से दाख़िल होता है; शिकायतकर्ता और हर आरोपी प्रायः बयान देने के लिए ख़ुद हाज़िर होते हैं, और अदालत राज़ीनामा दर्ज करती है।
फ़ीस
जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगते हैं; आज की राशि काउंटर पर पूछें। वकील की फ़ीस अलग है।
ध्यान दें
- केवल वही अपराध, जो धारा 359 में राज़ीनामे योग्य लिखे हैं, इस तरह निपट सकते हैं, कुछ केवल अदालत की अनुमति से; बाक़ी के लिए "समझौते के आधार पर एफ़आईआर रद्द करने हेतु याचिका (धारा 528 बीएनएसएस)" देखें।
- राज़ीनामे का असर बरी होने जैसा होता है और बाद में इसे पलटा नहीं जा सकता; अदालत हर पक्ष से पूछती है कि समझौता अपनी मर्ज़ी से है या नहीं।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।