थाना प्रभारी को पुलिस शिकायत
एफ़आईआर हेतु थाने को लिखित शिकायत।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
सेवा में,
थाना प्रभारी (एसएचओ),
थाना सिटी अमरनगर
विषय: एफ़आईआर दर्ज करने हेतु शिकायत
महोदय/महोदया,
1.यह कि दिनांक 10-10-2026 को लगभग रात 8:30 बजे को बस अड्डा, अमरनगर के पास में चाकू दिखाकर मेरा मोबाइल फ़ोन और ₹4,500 वाला बटुआ छीन लिया गया।
2.यह कि उपरोक्त कृत्य काली मोटरसाइकिल पर दो अज्ञात युवक ने किए।
3.यह कि इन कृत्यों से संज्ञेय अपराध बनते हैं। अनुरोध है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 173 के अंतर्गत एफ़आईआर दर्ज की जाए, मामले की जाँच की जाए, और एफ़आईआर की निःशुल्क प्रति प्रार्थी को दी जाए।
धन्यवाद सहित,
दिनांक: 12-10-2026
विक्रम सिंह
मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
फ़ोन: 0000000002
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- आधार कार्ड या कोई अन्य फ़ोटो पहचान पत्र (फ़ोटोकॉपी; दिखाने के लिए मूल)
- सबूतों की प्रतियाँ: फ़ोटो, वीडियो, संदेश, बिल, और चोट लगी हो तो डॉक्टरी रिपोर्ट
- आरोपियों के नाम और पते, अगर पता हों, और गवाहों के भी
- इस शिकायत की दूसरी प्रति, आपके रिकॉर्ड के लिए प्राप्ति मोहर लगवाने को
कहाँ जाना है
इलाक़े के थाने के थाना प्रभारी को दी जाती है; जगह कहीं और की हो तो भी कोई भी थाना इसे लेकर आगे भेजेगा ("ज़ीरो एफ़आईआर")। सूचना इलेक्ट्रॉनिक तरीक़े से भी दी जा सकती है, लेकिन फिर तीन दिन के भीतर उस पर हस्ताक्षर करने होते हैं।
फ़ीस
पुलिस को शिकायत देने की कोई फ़ीस नहीं है।
ध्यान दें
- एफ़आईआर की मुफ़्त प्रति माँगें, या एफ़आईआर अभी दर्ज न हुई हो तो अपनी शिकायत की रसीद या डीडीआर नंबर।
- तीन से सात साल की सज़ा वाले अपराधों में पुलिस पहले चौदह दिन के भीतर प्रारंभिक जाँच कर सकती है (धारा 173(3) बीएनएसएस)।
- थाना प्रभारी एफ़आईआर दर्ज न करे तो एसपी को लिखें: "एफ़आईआर दर्ज न होने पर एसपी/एसएसपी को शिकायत (धारा 173(4))" देखें।
- केवल वही लिखें जो आप ख़ुद जानते हैं, तारीख़ों और जगहों सहित: झूठी शिकायत या झूठा शपथ पत्र अपने-आप में अपराध है।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
सादा काग़ज़ काफ़ी है।