परिसर के कारोबारी प्रयोग हेतु मालिक का अनापत्ति व सहमति पत्र

परिसर में कारोबार हेतु मालिक की सहमति: जीएसटी, दुकान या कंपनी पंजीकरण और बैंक खाते के लिए।

दस्तावो में मुफ़्त बनाएँ

यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।

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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।

काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं सहमति पत्र

मैं, विक्रम सिंह पुत्र श्री हरबंस सिंह, आयु लगभग 52 वर्ष, निवासी मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब, दुकान नं. 3, मेन बाज़ार, अमरनगर (आगे "उक्त परिसर") का स्वामी हूँ।

मैंने उक्त परिसर शर्मा हार्डवेयर, द्वारा प्रोप्राइटर कबीर शर्मा पुत्र श्री देव शर्मा, आयु लगभग 44 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब को दिनांक 01-10-2026 के किरायानामे के अंतर्गत किराये पर दिया है।

शर्मा हार्डवेयर द्वारा उक्त परिसर का हार्डवेयर के परचून व थोक व्यापार हेतु प्रयोग किए जाने पर मुझे कोई आपत्ति नहीं है, और जीएसटी पंजीकरण, दुकान पंजीकरण और अमर बैंक में चालू खाते के लिए उक्त परिसर को उसके मुख्य कारोबारी स्थान के रूप में दर्शाने की मैं सहमति देता हूँ।

यह सहमति केवल इसी प्रयोग के लिए है और इससे किसी को उक्त परिसर में किरायेदारी से अधिक कोई अधिकार, स्वामित्व या हित नहीं मिलता। कारोबार के उक्त परिसर से हटने पर, पता बदलवाया जाएगा या पंजीकरण रद्द करवाया जाएगा, और मैं संबंधित अधिकारियों को सूचित कर सकता हूँ।

मेरे स्वामित्व के प्रमाण के रूप में बयनामा नं. 2214 दिनांक 12-05-2011 और ताज़ा प्रॉपर्टी टैक्स रसीद की प्रति संलग्न है।

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

मालिक (एक से अधिक हों तो हर सह-मालिक) इस पर हस्ताक्षर करके इसे कारोबार को देता है, जो इसे जीएसटी, कंपनी या अन्य पंजीकरण के साथ अपलोड करता है या बैंक को देता है। प्रायः सादा काग़ज़ काफ़ी है; कुछ दफ़्तर और बैंक इसे स्टाम्प पेपर पर नोटरी से तस्दीक़ करवाकर माँगते हैं।

फ़ीस

सादे काग़ज़ पर कोई फ़ीस नहीं; दफ़्तर या बैंक स्टाम्प पेपर या नोटरी माँगे तो ई-स्टाम्प पेपर और नोटरी की फ़ीस काउंटर पर दी जाती है। आज की राशि वहीं पूछें।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

प्रायः मालिक के हस्ताक्षर सहित सादे काग़ज़ पर; कुछ दफ़्तर व बैंक स्टाम्प पेपर या नोटरी माँगते हैं। मालिकाना हक़ का सबूत साथ लगाएँ।