संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) इक़रारनामा

एक परियोजना के लिए दो पक्षों का साथ: उद्देश्य, योगदान, नियंत्रण, लागत व लाभ, गतिरोध और निकास।

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काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

संयुक्त उद्यम इक़रारनामा

यह संयुक्त उद्यम इक़रारनामा आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को अमरनगर में विक्रम सिंह पुत्र श्री हरबंस सिंह, आयु लगभग 52 वर्ष, निवासी मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब (आगे "प्रथम पक्ष") तथा वर्मा बिल्डर्स (जीएसटीआईएन 06XXXXX0000X1ZX, सेक्टर 9, शांतिपुर), द्वारा अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता अनिल वर्मा पुत्र श्री रमेश वर्मा, आयु लगभग 31 वर्ष, निवासी मकान नं. 204, सेक्टर 9, शांतिपुर, ज़िला शांतिपुर, हरियाणा (आगे "द्वितीय पक्ष") के बीच लिखा गया। प्रत्येक पक्ष में उसके क़ानूनी उत्तराधिकारी व अनुमत समनुदेशिती शामिल हैं।

चूँकि दोनों पक्ष नीचे वर्णित परियोजना (आगे "परियोजना") "कल्याणपुर ग्रीन्स" नाम से पूरी करने के लिए अपने साधन व कौशल मिलाना, और उसकी लागत व परिणाम नीचे लिखी शर्तों पर बाँटना चाहते हैं;

अतः सभी पक्ष निम्नलिखित पर सहमत हैं:-

1.यह कि परियोजना यह है: नीचे वर्णित भूमि पर आठ स्वतंत्र मकान बनाना और उन्हें बेचना। संयुक्त उद्यम केवल इसी परियोजना तक सीमित है, और कोई भी पक्ष दूसरे की लिखित सहमति के बिना इसका या इसके नाम का प्रयोग किसी अन्य कारोबार के लिए नहीं करेगा।

2.यह कि परियोजना के लिए प्रथम पक्ष भूमि का प्रयोग और नक़्शा मंज़ूरी व सुविधाओं हेतु ₹10,00,000 का योगदान देगा, और द्वितीय पक्ष निर्माण कार्य, उसकी देखरेख और निर्माण हेतु ₹60,00,000 का योगदान देगा। संयुक्त समिति के माँगने पर प्रत्येक पक्ष अपना योगदान देगा। संपत्ति या सेवाओं के रूप में योगदान का मूल्य दोनों पक्षों की लिखित सहमति से तय होगा और परियोजना के लेखों में दर्ज किया जाएगा।

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

दोनों पक्ष दो गवाहों के सामने, प्रायः राज्य द्वारा इक़रारनामे के लिए तय मूल्य के ई-स्टाम्प पेपर पर, हस्ताक्षर करते हैं। जब तक इससे ज़मीन में कोई हक़ न जाए, इसकी रजिस्ट्री ज़रूरी नहीं; उद्यम को ज़मीन देने या पट्टे पर देने के लिए अलग स्टाम्पित विलेख की सब-रजिस्ट्रार के यहाँ रजिस्ट्री होती है।

फ़ीस

ई-स्टाम्प शुल्क इक़रारनामों के लिए राज्य की अनुसूची के अनुसार लगता है; ज़मीन में हक़ देने वाले विलेख पर अपना अलग शुल्क और रजिस्ट्री फ़ीस लगती है। आज की राशि ई-स्टाम्प केंद्र से पूछें।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

डीड और इकरारनामों पर स्टाम्प शुल्क राज्य, दस्तावेज़ और उसकी राशि पर निर्भर करता है; कुछ का सब-रजिस्ट्रार के यहाँ पंजीकरण ज़रूरी है। स्टाम्प पेपर पर छापने से पहले मौजूदा शुल्क और नियम जाँच लें।