एलएलपी इक़रारनामा (सीमित दायित्व भागीदारी)
भागीदार व नामित भागीदार, अंशदान, लाभ में हिस्सा, प्रबंधन, प्रवेश व निकास, लेखे और समापन; रजिस्ट्रार के पास दाख़िल होता है।
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काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
सीमित दायित्व भागीदारी (एलएलपी) इक़रारनामा
यह सीमित दायित्व भागीदारी इक़रारनामा आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को अमरनगर में नीचे खंड 1 में भागीदार के रूप में नामित व्यक्तियों (आगे प्रत्येक को "भागीदार" और सभी को मिलाकर "भागीदारगण" कहा गया है) तथा सीमित दायित्व भागीदारी अधिनियम, 2008 (आगे "अधिनियम") के अंतर्गत सीमित दायित्व भागीदारी शर्मा एग्रो फ़ूड्स एलएलपी, एलएलपीआईएन AAA-0000, जिसका पंजीकृत कार्यालय प्लॉट नं. 22, इंडस्ट्रियल एरिया, अमरनगर, पंजाब में है (आगे "एलएलपी"), के बीच लिखा गया।
चूँकि भागीदारगण ने आटा, मसालों व अचार का प्रसंस्करण, पैकिंग और बिक्री का कारोबार करने के लिए एलएलपी का निगमन करवाया है;
चूँकि अधिनियम की धारा 23 के अनुसार भागीदारों के आपसी अधिकार व कर्तव्य, तथा एलएलपी और उसके भागीदारों के आपसी अधिकार व कर्तव्य, एलएलपी इक़रारनामे से तय होते हैं, और भागीदारगण इन्हें लिखित रूप में दर्ज करना चाहते हैं;
अतः सभी पक्ष निम्नलिखित पर सहमत हैं:-
1.यह कि एलएलपी के भागीदार, उनका अंशदान, लाभ व हानि में उनका हिस्सा और नामित भागीदार इस प्रकार हैं:
| क्र. | भागीदार | अंशदान | लाभ-हानि में हिस्सा | नामित भागीदार |
|---|---|---|---|---|
| 1 | कबीर शर्मा, पुत्र देव शर्मा, 7 बसंत विहार, अमरनगर | ₹5,00,000 | 50% | हाँ (डीपिन 00000001) |
| 2 | मीरा शर्मा, पत्नी कबीर शर्मा, 7 बसंत विहार, अमरनगर | ₹3,00,000 | 30% | हाँ (डीपिन 00000002) |
| 3 | अनिल वर्मा, पुत्र रमेश वर्मा, 204 सेक्टर 9, शांतिपुर | ₹2,00,000 | 20% | नहीं |
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- हर भागीदार के लिए: पैन, आधार या कोई अन्य पहचान पत्र, पते का प्रमाण और पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
- हर नामित भागीदार का डीपिन, और एमसीए पोर्टल पर दाख़िल करने के लिए नामित भागीदारों के डिजिटल हस्ताक्षर (डीएससी)
- एलएलपी पंजीकृत हो चुकी हो तो निगमन प्रमाण पत्र और एलएलपीआईएन; नहीं तो उसके लिए आरक्षित नाम
- पंजीकृत कार्यालय के पते का प्रमाण (स्वामित्व का काग़ज़ या किरायानामा और हाल का बिजली-पानी का बिल) और किराये पर हो तो मालिक की अनापत्ति
- हर भागीदार का तय अंशदान और लाभ में हिस्सा, और अंशदान के रूप में लाई गई किसी संपत्ति का मूल्यांकन
- दो गवाह, हर एक अपने पहचान पत्र सहित
कहाँ जाना है
सभी भागीदार दो गवाहों के सामने, प्रायः राज्य द्वारा तय मूल्य के ई-स्टाम्प पेपर पर, हस्ताक्षर करते हैं। इसकी सब-रजिस्ट्रार के यहाँ रजिस्ट्री प्रायः नहीं होती (कोई भागीदार अंशदान में ज़मीन या इमारत लाए तो वकील से पूछें); नामित भागीदार इसे फ़ॉर्म 3 में ऑनलाइन कंपनी रजिस्ट्रार के पास दाख़िल करते हैं।
फ़ीस
ई-स्टाम्प शुल्क राज्य की अनुसूची के अनुसार लगता है (कुछ राज्यों में यह लगाई गई पूँजी पर निर्भर है); ई-स्टाम्प केंद्र से पूछें। एमसीए की फ़ाइलिंग फ़ीस कुल अंशदान पर निर्भर है और ऑनलाइन दी जाती है।
ध्यान दें
- हस्ताक्षरित इक़रारनामा निगमन के 30 दिन के भीतर, और हर बदलाव उसके 30 दिन के भीतर, फ़ॉर्म 3 में दाख़िल करें; देर से दाख़िल करने पर हर दिन की अतिरिक्त फ़ीस लगती है।
- जिन बातों पर इक़रारनामा मौन है, उन पर एलएलपी अधिनियम की पहली अनुसूची लागू होती है; कोई भी बदलाव सभी भागीदारों के हस्ताक्षर वाले लेख से ही हो।
- स्टाम्पित व हस्ताक्षरित मूल प्रति पंजीकृत कार्यालय में रखें; हर भागीदार एक प्रति अपने पास रखे।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
डीड और इकरारनामों पर स्टाम्प शुल्क राज्य, दस्तावेज़ और उसकी राशि पर निर्भर करता है; कुछ का सब-रजिस्ट्रार के यहाँ पंजीकरण ज़रूरी है। स्टाम्प पेपर पर छापने से पहले मौजूदा शुल्क और नियम जाँच लें।