प्रोनोट (रुक्का) और रसीद
नक़द उधार के लिए रसीद सहित पारंपरिक प्रोनोट।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
प्रोनोट (रुक्का)
माँगने पर मैं, कबीर शर्मा पुत्र श्री देव शर्मा, आयु लगभग 44 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब, गुरदेव सिंह पुत्र श्री करनैल सिंह, आयु लगभग 48 वर्ष, निवासी मकान नं. 88, मॉडल टाउन, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब को, या जिसे वे आदेश दें, ₹1,50,000 (एक लाख पचास हज़ार रुपये मात्र) की राशि 12 प्रतिशत सालाना ब्याज सहित, प्राप्त मूल्य के बदले, अदा करने का वचन देता हूँ।
रसीद
उपरोक्त प्रोनोट पर गुरदेव सिंह से ऋण के रूप में नक़द द्वारा ₹1,50,000 (एक लाख पचास हज़ार रुपये मात्र) प्राप्त किए।
दिनांक: 12-10-2026
गवाह:
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- ऋणी का पहचान पत्र (फ़ोटोकॉपी; दिखाने के लिए मूल), और ऋणदाता का पूरा नाम, पिता या पति का नाम और पता
- एक रसीदी टिकट, जो प्रोनोट पर लगाकर ऋणी उस पर आर-पार हस्ताक्षर करे
- राशि, या भुगतान का सबूत (बैंक ट्रांसफ़र का रिकॉर्ड या चेक नंबर), यह लिखने के लिए कि राशि कैसे दी गई
- दो गवाह, जैसा चलन है, हर एक अपने पहचान पत्र सहित
कहाँ जाना है
ऋणी रसीदी टिकट पर आर-पार हस्ताक्षर करता है, प्रायः दो गवाहों के सामने, और प्रोनोट ऋणदाता अपने पास रखता है। इसके लिए स्टाम्प पेपर नहीं चाहिए, और न इसकी रजिस्ट्री होती है न नोटरी से तस्दीक़।
फ़ीस
स्टाम्प क़ानून में प्रोनोट के लिए तय शुल्क प्रायः उस पर रसीदी टिकट लगाकर और आर-पार हस्ताक्षर करके चुकाया जाता है; रसीदी टिकट डाकघरों और स्टाम्प विक्रेताओं के पास मिलते हैं।
ध्यान दें
- बिना टिकट का प्रोनोट, या जिस टिकट पर आर-पार हस्ताक्षर न हों, प्रायः अदालत में काम नहीं आता, और यह कमी बाद में ठीक नहीं हो सकती।
- उधार देना और लौटाना बैंक ट्रांसफ़र या चेक से करें: आयकर क़ानून एक सीमा से ऊपर नक़द में क़र्ज़ लेने या लौटाने पर रोक लगाता है।
- माँग पर देय प्रोनोट पर दावा प्रायः उसकी तारीख़ से तीन साल के भीतर किया जाता है; उससे पहले कुछ भुगतान या लिखित स्वीकृति से नया समय मिल जाता है।
- उधार चुक जाने पर मूल प्रोनोट पर चुकता लिखकर उसे ऋणी को लौटा दें।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
प्रोनोट पर, राशि चाहे जितनी हो, राज्य के स्टाम्प क़ानून में तय स्टाम्प लगना ज़रूरी है (प्रायः रसीदी टिकट, जिस पर आर-पार हस्ताक्षर हों)। बिना स्टाम्प का प्रोनोट अदालत में काम नहीं आता।