मुक़दमे से पहले लोक अदालत हेतु प्रार्थना पत्र
मुक़दमा दायर किए बिना लोक अदालत में विवाद निपटवाना।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
सेवा में,
सचिव,
ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण, अमरनगर
विषय: लोक अदालत को मुक़दमे-पूर्व संदर्भ
महोदय/महोदया,
1.यह कि प्रार्थी और कबीर शर्मा पुत्र श्री देव शर्मा, आयु लगभग 44 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब के बीच विवाद है: विपक्षी पर दिनांक 20-11-2025 को दिए ₹3,00,000 बकाया हैं, जिन्हें वह मानता है पर क़िस्तों में लौटाना चाहता है; संबंधित राशि ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये मात्र) है।
2.यह कि इस विवाद बारे किसी न्यायालय में कोई मुक़दमा लंबित नहीं है।
3.यह कि प्रार्थी विवाद आपसी सहमति से निपटाना चाहता है। अनुरोध है कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 19 व 20 के अंतर्गत मुक़दमे-पूर्व स्तर पर इसे लिया जाए, दूसरे पक्ष को नोटिस जारी किया जाए, और मामला लोक अदालत के सामने रखा जाए।
धन्यवाद सहित,
दिनांक: 12-10-2026
विक्रम सिंह
मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
फ़ोन: 0000000002
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- विवाद के काग़ज़: इक़रारनामा, बिल, क़र्ज़ का स्टेटमेंट, नोटिस और आपस के पत्र
- नोटिस के लिए दूसरे पक्ष का पूरा नाम और पता
- आधार कार्ड या कोई अन्य फ़ोटो पहचान पत्र, मौजूदा पते के सबूत सहित (फ़ोटोकॉपी; दिखाने के लिए मूल)
- दूसरे पक्ष के लिए हर काग़ज़ की एक प्रति
कहाँ जाना है
ज़िला कचहरी में ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को, या उप-मंडल विधिक सेवा समिति को दिया जाता है। दूसरे पक्ष को नोटिस के बाद यह लोक अदालत के सामने रखा जाता है, अक्सर राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन।
फ़ीस
कोई फ़ीस नहीं: लोक अदालत कुछ नहीं लेती, और पात्र लोगों के लिए क़ानूनी सहायता मुफ़्त है।
ध्यान दें
- समझौता एक अवार्ड बन जाता है जो अंतिम है और उसकी कोई अपील नहीं (धारा 21); हस्ताक्षर से पहले ध्यान से पढ़ें।
- समझौता न हो तो आप अदालत या उचित मंच पर जाने के लिए आज़ाद हैं।
- जो अपराध राज़ीनामे से ख़त्म नहीं हो सकते, उनका निपटारा लोक अदालत में नहीं होता।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
सादा काग़ज़ काफ़ी है।