क़ानूनी वारिस (जीवित सदस्य) प्रमाण पत्र हेतु प्रार्थना पत्र
तहसीलदार या एसडीएम से क़ानूनी वारिस प्रमाण पत्र माँगना; साथ में "क़ानूनी वारिसों का शपथ पत्र" लगाएँ।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
सेवा में,
तहसीलदार,
अमरनगर
विषय: क़ानूनी वारिस प्रमाण पत्र जारी करने बारे
महोदय/महोदया,
1.यह कि जगीर सिंह पुत्र बचन सिंह, निवासी गाँव कल्याणपुर, तहसील व ज़िला अमरनगर की मृत्यु दिनांक 19-06-2021 को गाँव कल्याणपुर में हुई। प्रार्थी मृतक की विधवा है।
2.यह कि मृतक के केवल निम्नलिखित क़ानूनी वारिस (परिवार के जीवित सदस्य) हैं:
| क्रम | नाम | मृतक से रिश्ता | आयु |
|---|---|---|---|
| 1 | बलवंत कौर | विधवा | 67 |
| 2 | गुरदेव सिंह | पुत्र | 48 |
| 3 | मनजीत कौर | पुत्री | 44 |
3.यह कि उपरोक्त व्यक्तियों के अतिरिक्त मृतक का कोई अन्य क़ानूनी वारिस नहीं है और इस सूची से कोई वारिस छोड़ा नहीं गया है।
4.यह कि यह प्रमाण पत्र पारिवारिक पेंशन, बैंक खातों और ज़मीन के इंतक़ाल के लिए चाहिए।
5.यह कि मृत्यु प्रमाण पत्र, प्रार्थी का क़ानूनी वारिसों का शपथ पत्र और नीचे लिखे अन्य काग़ज़ संलग्न हैं। जाँच के लिए प्रार्थी वारिसों और इलाक़े के दो मोतबर व्यक्तियों को पेश करने तथा ज़रूरत हो तो सूचना प्रकाशित करवाने को तैयार है।
अतः अनुरोध है कि आवश्यक जाँच के बाद स्वर्गीय जगीर सिंह के संबंध में ऊपर लिखे व्यक्तियों के नाम क़ानूनी वारिस प्रमाण पत्र जारी किया जाए।
धन्यवाद सहित,
दिनांक: 12-10-2026
बलवंत कौर
गाँव कल्याणपुर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
फ़ोन: 0000000008
संलग्न:
1. मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र (फ़ोटोकॉपी; दिखाने के लिए मूल)
- "क़ानूनी वारिसों का शपथ पत्र", आवेदक द्वारा तस्दीक़ किया हुआ
- हर वारिस का पहचान पत्र (फ़ोटोकॉपी)
- रिश्ते का प्रमाण: परिवार रजिस्टर, राशन कार्ड या फ़ैमिली आईडी (हरियाणा), या जन्म और विवाह प्रमाण पत्र
- जाँच के लिए इलाक़े के दो इज़्ज़तदार व्यक्ति, जैसे नंबरदार, सरपंच या वार्ड पार्षद
कहाँ जाना है
तहसीलदार या एसडीएम को दिया जाता है, अक्सर सेवा केंद्र (पंजाब), सरल केंद्र (हरियाणा) या संपर्क केंद्र (चंडीगढ़) के ज़रिए। पटवारी या कोई अन्य फ़ील्ड अधिकारी जाँच करता है, और राजस्व अधिकारी प्रमाण पत्र जारी करता है; पहले सूचना भी छप सकती है।
फ़ीस
आवेदन सादे काग़ज़ पर होता है; सेवा केंद्र की फ़ीस, और शपथ पत्र का ई-स्टाम्प और तस्दीक़ की फ़ीस, काउंटर पर दी जाती है। आज की राशि वहीं पूछें।
ध्यान दें
- हर वारिस का नाम लिखें: हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत, जो सिखों, जैनों और बौद्धों पर भी लागू है, पुरुष की विधवा, माँ और बेटियाँ (विवाहित हों या नहीं) उसके बेटों के साथ वारिस होती हैं।
- बड़ी रक़म, शेयरों या विवाद में बैंक और अदालतें इसकी जगह उत्तराधिकार प्रमाण पत्र माँग सकती हैं: "उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (धारा 372)" देखें।
- अगर मृतक ने वसीयत की थी, तो यह प्रमाण पत्र काफ़ी नहीं हो सकता; वकील से पूछें।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
सादा काग़ज़ काफ़ी है।