इक़रारनामा बिक्री के विशिष्ट पालन का दावा

विक्रेता से बयनामा करवाने के लिए क्रेता का वादपत्र, तैयार व इच्छुक रहने, क़ब्ज़े और वैकल्पिक रूप से बयाना वापसी सहित।

दस्तावो में मुफ़्त बनाएँ

यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।

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काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

न्यायालय श्रीमान सिविल जज (जूनियर डिवीज़न), अमरनगर

दीवानी दावा नं. ______ सन् 2026

रोहन कुमार पुत्र श्री ओम प्रकाश, आयु लगभग 37 वर्ष, निवासी मकान नं. 12, गली नं. 3, नानक नगर, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
…वादी

बनाम

विक्रम सिंह पुत्र श्री हरबंस सिंह, आयु लगभग 52 वर्ष, निवासी मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
…प्रतिवादी

इक़रारनामा बिक्री के विशिष्ट पालन व क़ब्ज़े का दावा, वैकल्पिक रूप से बयाने की वसूली सहित

(इक़रारनामा दिनांक 10-03-2026; क़ीमत ₹24,00,000; बयाना ₹4,00,000)

निवेदन है कि:-

1.यह कि प्रतिवादी निम्नलिखित संपत्ति का मालिक व क़ाबिज़ है, जिसे आगे "विवादित संपत्ति" कहा गया है:

रिहायशी प्लॉट रक़बा 200 वर्ग गज़, ख़सरा नं. 45/2, गाँव कल्याणपुर, हदबस्त नं. 112, तहसील व ज़िला अमरनगर, जिसके उत्तर में 20 फ़ुट सड़क, दक्षिण में जगीर सिंह का प्लॉट, पूर्व में ओम प्रकाश का मकान और पश्चिम में ख़ाली ज़मीन है।

2.यह कि दिनांक 10-03-2026 के लिखित इक़रारनामा बिक्री द्वारा प्रतिवादी ने विवादित संपत्ति वादी को कुल ₹24,00,000 (चौबीस लाख रुपये मात्र) में बेचने का इक़रार किया, और अमर बैंक, अमरनगर के चेक नं. 000222 द्वारा ₹4,00,000 (चार लाख रुपये मात्र) बयाने के रूप में प्राप्त किए; बयनामा दिनांक 15-09-2026 तक लिखा व रजिस्टर्ड करवाया जाना था, और यह भी तय हुआ कि बयनामे की रजिस्ट्री पर प्लॉट का ख़ाली क़ब्ज़ा वादी को दिया जाएगा।

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

जिस क्षेत्र में संपत्ति है, वहाँ की दीवानी अदालत में वकील के माध्यम से, समर्थन वाले शपथ पत्र सहित, दाख़िल होता है।

फ़ीस

कोर्ट फ़ीस प्रायः तय क़ीमत पर, राज्य के कोर्ट फ़ीस क़ानून के अनुसार, जैसा काउंटर तय करे, और साथ में सम्मन का तलबाना। वकील की फ़ीस अलग है।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

वादपत्र, याचिका या अपील पर कोर्ट फ़ीस राहत और उसकी मालियत के अनुसार राज्य के कोर्ट फ़ीस क़ानून से तय होती है; कोर्ट फ़ीस टिकट (या ई-कोर्ट फ़ीस की रसीद) और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।