प्रथम अपील का ज्ञापन (धारा 96 व आदेश 41 सीपीसी)

दीवानी डिक्री के विरुद्ध प्रथम अपील: डिक्री, आधार, मियाद, कोर्ट फ़ीस और माँगी गई राहत।

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काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

न्यायालय श्रीमान ज़िला न्यायाधीश, अमरनगर

सिविल अपील नं. ______ सन् 2026

कबीर शर्मा पुत्र श्री देव शर्मा, आयु लगभग 44 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
…अपीलकर्ता (प्रतिवादी)

बनाम

विक्रम सिंह पुत्र श्री हरबंस सिंह, आयु लगभग 52 वर्ष, निवासी मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
…प्रत्यर्थी (वादी)

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 96 सपठित आदेश 41 के अंतर्गत प्रथम अपील का ज्ञापन

(विद्वान सिविल जज (जूनियर डिवीज़न), अमरनगर द्वारा दीवानी दावा नं. 512 सन् 2026, विक्रम सिंह बनाम कबीर शर्मा में पारित दिनांक 30-09-2026 के निर्णय व डिक्री के विरुद्ध)

निवेदन है कि:-

1.यह कि प्रत्यर्थी ने अपीलकर्ता के विरुद्ध विद्वान सिविल जज (जूनियर डिवीज़न), अमरनगर के न्यायालय में दीवानी दावा नं. 512 सन् 2026, विक्रम सिंह बनाम कबीर शर्मा दाख़िल किया था, जिसमें उस न्यायालय ने दिनांक 30-09-2026 के निर्णय व डिक्री द्वारा ख़सरा नं. 45/2 की पश्चिमी हद के साथ की ज़मीन की पट्टी के बारे में प्रत्यर्थी का स्थायी निषेधाज्ञा का दावा डिक्री कर दिया।

2.यह कि उक्त निर्णय व डिक्री से व्यथित होकर अपीलकर्ता द्वारा अन्य आधारों के साथ निम्नलिखित आधारों पर यह प्रथम अपील दाख़िल की जा रही है।

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

वकील के माध्यम से उस अदालत में दाख़िल होती है जो उस अदालत की अपीलें सुनती है: प्रायः ज़िला न्यायाधीश, या मालियत ज़िला अदालत की सीमा से ज़्यादा हो तो उच्च न्यायालय।

फ़ीस

अपील की मालियत पर राज्य के कोर्ट फ़ीस क़ानून के अनुसार कोर्ट फ़ीस, वादपत्र की तरह, जैसा काउंटर तय करे। वकील की फ़ीस अलग है।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

वादपत्र, याचिका या अपील पर कोर्ट फ़ीस राहत और उसकी मालियत के अनुसार राज्य के कोर्ट फ़ीस क़ानून से तय होती है; कोर्ट फ़ीस टिकट (या ई-कोर्ट फ़ीस की रसीद) और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।