घोषणा का दावा, परिणामी राहत सहित (धारा 34 विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम)
किसी अधिकार की या किसी दस्तावेज़ के शून्य होने की घोषणा का वादपत्र, धारा 34 के परंतुक के अनुसार आगे की राहत (निषेधाज्ञा या क़ब्ज़ा) सहित।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
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काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
न्यायालय श्रीमान सिविल जज (जूनियर डिवीज़न), अमरनगर
दीवानी दावा नं. ______ सन् 2026
बनाम
घोषणा का दावा, परिणामी राहत स्थायी निषेधाज्ञा सहित
(इस आशय का कि वादी विवादित संपत्ति का मालिक व क़ाबिज़ है, और उसके द्वारा प्रतिवादी नं. 1 के हक़ में लिखा बताया गया आम मुख़्तारनामा दिनांक 02-02-2026, तथा उसके आधार पर प्रतिवादी नं. 2 के हक़ में लिखा बयनामा नं. 2345 दिनांक 15-03-2026, जाली, शून्य और वादी के अधिकारों पर अबंधनकारी हैं)
निवेदन है कि:-
1.यह कि इस दावे के प्रतिवादी ये हैं:
| प्रतिवादी नं. | नाम, पिता या पति का नाम व पता |
|---|---|
| 1 | कबीर शर्मा पुत्र श्री देव शर्मा, आयु लगभग 44 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब |
| 2 | सुखदेव सिंह पुत्र बचन सिंह, आयु लगभग 39 वर्ष, निवासी गाँव कल्याणपुर, तहसील व ज़िला अमरनगर |
2.यह कि यह दावा निम्नलिखित संपत्ति के बारे में है, जिसे आगे "विवादित संपत्ति" कहा गया है:
खेती की ज़मीन रक़बा 16 कनाल, खेवट नं. 78, खतौनी नं. 102, ख़सरा नं. 31//12 व 31//13, गाँव कल्याणपुर, हदबस्त नं. 112, तहसील व ज़िला अमरनगर, जैसा कि साल 2022-23 की जमाबंदी में दर्ज है।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- जिस दस्तावेज़ को चुनौती दे रहे हैं, या जो आदेश आपका हक़ नकारता है, उसकी प्रमाणित प्रति (रजिस्टर्ड विलेख हो तो सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर से)
- आपके हक़ का सबूत: मालिकाना हक़ के विलेख, जमाबंदी (फ़र्द) और इंतक़ाल, या जिस पद, दर्जे या रिश्ते का दावा है उसका रिकॉर्ड
- मामले के बारे में पक्षों के बीच पहले के आदेश, नोटिस और पत्र
- हर प्रतिवादी का पूरा नाम, पिता या पति का नाम और मौजूदा पता, सम्मन के लिए
- आपका पहचान पत्र, और आपके वकील के नाम आपके हस्ताक्षर वाला वकालतनामा
कहाँ जाना है
जहाँ संपत्ति है या प्रतिवादी रहता है, वहाँ की दीवानी अदालत में वकील के माध्यम से, समर्थन वाले शपथ पत्र सहित, दाख़िल होता है।
फ़ीस
राज्य के कोर्ट फ़ीस क़ानून के अनुसार घोषणा और आगे की राहत की मालियत पर कोर्ट फ़ीस (अपने हस्ताक्षर वाला दस्तावेज़ रद्द कराने पर उसकी राशि पर हो सकती है), जैसा काउंटर या आपके वकील पुष्टि करें, और सम्मन का तलबाना।
ध्यान दें
- आगे की राहत (निषेधाज्ञा या क़ब्ज़ा) भी माँगें: अगर आप और माँग सकते थे, तो केवल घोषणा नहीं दी जाती।
- घोषणा प्रायः हक़ पहली बार नकारे जाने के तीन साल के भीतर माँगी जाती है; दस्तावेज़ रद्द कराने के लिए, तथ्य पता चलने के तीन साल के भीतर।
- सरकार या किसी सरकारी अधिकारी पर उसके सरकारी काम के लिए दावा करने से पहले दो महीने का नोटिस ज़रूरी है: "सरकार को नोटिस (धारा 80 सीपीसी)" देखें।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
वादपत्र, याचिका या अपील पर कोर्ट फ़ीस राहत और उसकी मालियत के अनुसार राज्य के कोर्ट फ़ीस क़ानून से तय होती है; कोर्ट फ़ीस टिकट (या ई-कोर्ट फ़ीस की रसीद) और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।