विलंब माफ़ी हेतु शपथ पत्र
देर से दाख़िले को माफ़ करवाने के प्रार्थना पत्र के साथ शपथ पत्र।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
न्यायालय श्रीमान सिविल जज (जूनियर डिवीज़न), अमरनगर
दीवानी दावा नं. 412 सन् 2025
बनाम
विलंब माफ़ी के प्रार्थना पत्र के समर्थन में शपथ पत्र
मैं, कबीर शर्मा पुत्र श्री देव शर्मा, आयु लगभग 44 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब, शपथपूर्वक निम्नलिखित बयान करता हूँ:-
1.यह कि दिनांक 02-06-2026 के फ़ैसले के विरुद्ध अपील दाख़िल करने में 23 दिन की देरी हुई है।
2.यह कि देरी इस प्रकार हुई: मैं 20-06-2026 से 10-07-2026 तक ऑपरेशन के लिए सिविल अस्पताल, अमरनगर में दाख़िल रहा और 25-07-2026 तक आराम की सलाह दी गई।
3.यह कि यह देरी न जानबूझकर है, न लापरवाही से, और गुण-दोष पर मेरा मामला मज़बूत है; परिसीमा अधिनियम, 1963 की धारा 5 के अंतर्गत देरी माफ़ की जाए।
शपथकर्ता
सत्यापन: सत्यापित किया जाता है कि उपरोक्त शपथ पत्र के पैरा 1 से 3 तक की बातें मेरी जानकारी व विश्वास के अनुसार सत्य एवं सही हैं और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है। आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को अमरनगर में सत्यापित किया।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- आधार कार्ड या कोई अन्य फ़ोटो पहचान पत्र (फ़ोटोकॉपी; दिखाने के लिए मूल)
- हर कारण का सबूत, तारीख़ों सहित: डॉक्टरी प्रमाण पत्र और अस्पताल के काग़ज़, मृत्यु प्रमाण पत्र, या यात्रा या नौकरी का रिकॉर्ड
- अपील के लिए नक़ल शाखा की रसीद और प्रमाणित प्रति तैयार होने की तारीख़
- जिस प्रार्थना पत्र के समर्थन में है: "विलंब माफ़ी हेतु प्रार्थना पत्र (धारा 5 परिसीमा अधिनियम)" देखें
कहाँ जाना है
कचहरी में ओथ कमिश्नर के सामने तस्दीक़ होकर आपके वकील द्वारा विलंब माफ़ी के प्रार्थना पत्र और देर से दी गई अपील या प्रार्थना पत्र के साथ दाख़िल होता है।
फ़ीस
केवल अदालत में दाख़िल करने के लिए बना शपथ पत्र प्रायः स्टाम्प शुल्क से मुक्त होता है, और कोर्ट फ़ीस तभी लगती है जब कोर्ट फ़ीस काउंटर कहे; ओथ कमिश्नर की फ़ीस काउंटर पर दी जाती है। आज की राशि वहीं पूछें।
ध्यान दें
- देरी को दिन-ब-दिन, तारीख़ों सहित, समझाएँ: अदालत नेकनीयती से दिखाया गया पर्याप्त कारण देखती है।
- धारा 5 अपीलों और प्रार्थना पत्रों पर लागू है, दावों पर नहीं: मियाद के बाद किया गया दावा इस तरह नहीं बचता।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
पंजाब: शपथ पत्र प्रायः ई-स्टाम्प पेपर पर लिखा जाता है (अधिकृत ई-स्टाम्प केंद्र से लें, वहीं मौजूदा शुल्क पूछें) और ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़ होता है। कई सरकारी सेवाओं में अब स्व-घोषणा भी मान्य है।
हरियाणा: ई-स्टाम्प पेपर का प्रयोग करें (अधिकृत विक्रेता; मौजूदा शुल्क जाँचें) और ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़ करवाएँ।
चंडीगढ़: अधिकृत केंद्र से ई-स्टाम्प पेपर (मौजूदा शुल्क जाँचें); ओथ कमिश्नर या नोटरी के सामने तस्दीक़।