किरायेदार को मकान ख़ाली करने का नोटिस (धारा 106)
मासिक किरायेदारी समाप्त कर परिसर ख़ाली करवाना।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
प्रिया बेदी, एडवोकेट
चैम्बर 21, ज़िला अदालत, अमरनगर
क़ानूनी नोटिस
दिनांक: 12-10-2026
रजिस्टर्ड ए.डी. / स्पीड पोस्ट द्वारा
सेवा में,
श्री कबीर शर्मा
मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
विषय: मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर का भूतल की किरायेदारी की समाप्ति
महोदय/महोदया,
मेरे मुवक्किल विक्रम सिंह पुत्र श्री हरबंस सिंह, आयु लगभग 52 वर्ष, निवासी मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब के निर्देश पर और उनकी ओर से आपको निम्नलिखित क़ानूनी नोटिस दिया जाता है:-
1.यह कि आप मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर का भूतल में ₹9,500 (नौ हज़ार पाँच सौ रुपये मात्र) मासिक किराये पर मेरे मुवक्किल के मासिक किरायेदार हैं।
2.यह कि इस नोटिस द्वारा संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 की धारा 106 के अंतर्गत आपकी किरायेदारी इसकी प्राप्ति से पंद्रह दिन की समाप्ति पर समाप्त की जाती है, जो प्रचलित किराया क़ानून के किसी भी अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना है।
3.यह कि आपको दिनांक 30-11-2026 तक उस दिन तक का सारा किराया व ख़र्च चुकाकर परिसर ख़ाली करके उसका ख़ाली व शांतिपूर्ण क़ब्ज़ा सौंपने को कहा जाता है। ऐसा न करने पर आप उपयोग व क़ब्ज़े के हर्जाने के ज़िम्मेदार होंगे और आपके विरुद्ध बेदख़ली की कार्यवाही की जाएगी, जिसका ख़र्च आपको उठाना होगा।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- किरायानामा या इक़रारनामा, और किराये का आपका रिकॉर्ड (रसीदें या बैंक की एंट्री)
- मकान या दुकान के मालिक होने या उसे किराये पर देने का सबूत: रजिस्ट्री, अलॉटमेंट पत्र या संपत्ति कर का रिकॉर्ड
- किरायेदार का पूरा नाम और पता
कहाँ जाना है
इस पर आप या आपकी ओर से आपके वकील हस्ताक्षर करते हैं, फिर यह दूसरे पक्ष के हर उस पते पर, जो आपको मालूम है, रजिस्टर्ड डाक (एडी) या स्पीड पोस्ट से भेजा जाता है; साथ में ई-मेल या व्हाट्सऐप से भी भेज सकते हैं।
फ़ीस
नोटिस के लिए स्टाम्प पेपर या कोर्ट फ़ीस की ज़रूरत नहीं: डाक ख़र्च आप देते हैं, और वकील भेजें तो वकील की फ़ीस।
ध्यान दें
- महीनेवार किरायेदारी किरायेदार को यह नोटिस मिलने के 15 दिन बाद ख़त्म होती है, जब तक आपके इक़रारनामे में कोई और अवधि तय न हो।
- जहाँ इमारत पर पंजाब या हरियाणा का किराया क़ानून लागू है, वहाँ केवल किराया नियंत्रक ही उसके बताए आधारों पर बेदख़ल कर सकता है: "किराया नियंत्रक के समक्ष बेदख़ली याचिका (धारा 13, पंजाब या हरियाणा किराया क़ानून)" देखें।
- किरायेदार पर दबाव डालने के लिए कभी ताला न लगाएँ, सामान न हटाएँ, पानी या बिजली न काटें: यह ग़ैरक़ानूनी है।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
सादा काग़ज़ काफ़ी है।