सरकार को नोटिस (धारा 80 सीपीसी)
सरकार या लोक अधिकारी पर दावे से पहले ज़रूरी दो महीने का नोटिस।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
प्रिया बेदी, एडवोकेट
चैम्बर 21, ज़िला अदालत, अमरनगर
क़ानूनी नोटिस
दिनांक: 12-10-2026
रजिस्टर्ड ए.डी. / स्पीड पोस्ट द्वारा
सेवा में,
श्री सचिव, पंजाब सरकार, राजस्व विभाग
चंडीगढ़, चंडीगढ़
विषय: सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 80 के अंतर्गत नोटिस
महोदय/महोदया,
मेरे मुवक्किल बलवंत कौर विधवा स्व. श्री जगीर सिंह, आयु लगभग 67 वर्ष, निवासी गाँव कल्याणपुर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब के निर्देश पर और उनकी ओर से आपको निम्नलिखित क़ानूनी नोटिस दिया जाता है:-
1.यह कि यह नोटिस सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 80 के अंतर्गत बलवंत कौर विधवा स्व. श्री जगीर सिंह, आयु लगभग 67 वर्ष, निवासी गाँव कल्याणपुर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब, फ़ोन 0000000008 की ओर से दिया जा रहा है।
2.यह कि वाद-कारण इस प्रकार है: तहसीलदार, अमरनगर ने रजिस्टर्ड वसीयत के बावजूद उसके स्वर्गीय पति की ज़मीन का इंतक़ाल उसके नाम करने से इनकार कर दिया है।
3.यह कि माँगी गई राहत है: यह घोषणा कि वह ज़मीन की मालिक है, और इंतक़ाल मंज़ूर करने का निर्देश।
4.यह कि यदि इस नोटिस की प्राप्ति के दो महीने के भीतर राहत न दी गई, तो बिना और नोटिस के उसके लिए ख़र्च सहित दावा दायर किया जाएगा।
इस नोटिस की एक प्रति आगे की कार्यवाही हेतु मेरे कार्यालय में रख ली गई है।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- वाद का कारण दिखाने वाले काग़ज़: आदेश, पत्र, और आपके दिए आवेदन उनकी रसीदों सहित
- संबंधित विभाग और अधिकारी का सही नाम और पता
- आधार कार्ड या कोई अन्य फ़ोटो पहचान पत्र (फ़ोटोकॉपी; दिखाने के लिए मूल)
कहाँ जाना है
संबंधित सरकार के सचिव को (राज्य के लिए सचिव या ज़िले के कलेक्टर, यानी डिप्टी कमिश्नर, को) और संबंधित अधिकारी को दिया जाता है, या रजिस्टर्ड डाक (एडी) से भेजा जाता है।
फ़ीस
नोटिस के लिए स्टाम्प पेपर या कोर्ट फ़ीस की ज़रूरत नहीं: डाक ख़र्च आप देते हैं, और वकील भेजें तो वकील की फ़ीस।
ध्यान दें
- दावा नोटिस पहुँचने के दो महीने बाद ही किया जा सकता है; तुरंत राहत के लिए नोटिस के बिना दावा करने को अदालत की अनुमति चाहिए।
- वाद का कारण और राहत साफ़ लिखें: दावा वही होना चाहिए जो नोटिस में लिखा है।
- डाक की रसीदें, ट्रैकिंग रिपोर्ट और एडी कार्ड या लौटा हुआ लिफ़ाफ़ा (बिना खोले) संभालकर रखें: आगे के मुक़दमे में नोटिस साबित करने के लिए ये चाहिए।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
सादा काग़ज़ काफ़ी है।