उधार की वसूली का नोटिस
वसूली दावे से पहले उधार वापसी की माँग।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
प्रिया बेदी, एडवोकेट
चैम्बर 21, ज़िला अदालत, अमरनगर
क़ानूनी नोटिस
दिनांक: 12-10-2026
रजिस्टर्ड ए.डी. / स्पीड पोस्ट द्वारा
सेवा में,
श्री कबीर शर्मा
मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
विषय: दिनांक 20-11-2025 को दिए ₹3,00,000 उधार की वापसी की माँग
महोदय/महोदया,
मेरे मुवक्किल विक्रम सिंह पुत्र श्री हरबंस सिंह, आयु लगभग 52 वर्ष, निवासी मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब के निर्देश पर और उनकी ओर से आपको निम्नलिखित क़ानूनी नोटिस दिया जाता है:-
1.यह कि आपके अनुरोध पर मेरे मुवक्किल ने दिनांक 20-11-2025 को बैंक ट्रांसफ़र द्वारा आपको ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये मात्र) उधार दिए थे, जिन्हें आपने छह महीने में लौटाने का वादा किया था।
2.यह कि बार-बार कहने के बावजूद आपने उधार नहीं लौटाया और पूरी राशि बकाया है।
3.यह कि अतः आपको इस नोटिस की प्राप्ति के 15 दिन के भीतर ₹3,00,000 दिनांक 20-11-2025 से 9% सालाना ब्याज सहित लौटाने को कहा जाता है, अन्यथा मेरा मुवक्किल आपके विरुद्ध वसूली का दावा दायर करेगा, जिसके ख़र्च व परिणामों के ज़िम्मेदार आप होंगे।
इस नोटिस की एक प्रति आगे की कार्यवाही हेतु मेरे कार्यालय में रख ली गई है।
प्रिया बेदी
एडवोकेट
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- उधार का सबूत: बैंक ट्रांसफ़र का रिकॉर्ड या चेक, उधार लेने वाले के हस्ताक्षर वाली रसीद या प्रोनोट, या उधार मानने वाले संदेश
- उन लोगों के नाम जिन्होंने रक़म दी जाती देखी
- उधार लेने वाले का पूरा नाम और आपको मालूम हर पता
कहाँ जाना है
इस पर आप या आपकी ओर से आपके वकील हस्ताक्षर करते हैं, फिर यह दूसरे पक्ष के हर उस पते पर, जो आपको मालूम है, रजिस्टर्ड डाक (एडी) या स्पीड पोस्ट से भेजा जाता है; साथ में ई-मेल या व्हाट्सऐप से भी भेज सकते हैं।
फ़ीस
नोटिस के लिए स्टाम्प पेपर या कोर्ट फ़ीस की ज़रूरत नहीं: डाक ख़र्च आप देते हैं, और वकील भेजें तो वकील की फ़ीस।
ध्यान दें
- उधार का दावा प्रायः तीन साल के भीतर होता है; उस समय के भीतर लिखित स्वीकृति या आंशिक भुगतान से नई मियाद शुरू होती है।
- डाक की रसीदें, ट्रैकिंग रिपोर्ट और एडी कार्ड या लौटा हुआ लिफ़ाफ़ा (बिना खोले) संभालकर रखें: आगे के मुक़दमे में नोटिस साबित करने के लिए ये चाहिए।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
सादा काग़ज़ काफ़ी है।