बयाने (इक़रारनामे) की पूर्ति का नोटिस

ख़रीदार द्वारा विक्रेता से इक़रार अनुसार बयनामा करवाने की माँग।

दस्तावो में मुफ़्त बनाएँ

यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।

आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर

अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।

काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

प्रिया बेदी, एडवोकेट

चैम्बर 21, ज़िला अदालत, अमरनगर

क़ानूनी नोटिस

दिनांक: 12-10-2026

रजिस्टर्ड ए.डी. / स्पीड पोस्ट द्वारा

सेवा में,

श्री गुरदेव सिंह

मकान नं. 88, मॉडल टाउन, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब

विषय: दिनांक 10-03-2026 के इक़रारनामे की पूर्ति

महोदय/महोदया,

मेरे मुवक्किल अनिल वर्मा पुत्र श्री रमेश वर्मा, आयु लगभग 31 वर्ष, निवासी मकान नं. 204, सेक्टर 9, शांतिपुर, ज़िला शांतिपुर, हरियाणा के निर्देश पर और उनकी ओर से आपको निम्नलिखित क़ानूनी नोटिस दिया जाता है:-

1.यह कि दिनांक 10-03-2026 के इक़रारनामे द्वारा आपने ख़सरा नं. 45/2, गाँव कल्याणपुर, तहसील अमरनगर स्थित 200 वर्ग गज़ का रिहायशी प्लॉट मेरे मुवक्किल को ₹24,00,000 (चौबीस लाख रुपये मात्र) में बेचने का इक़रार किया और ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये मात्र) बयाने के रूप में प्राप्त किए; बयनामा दिनांक 10-09-2026 तक रजिस्टर्ड होना था।

2.यह कि मेरा मुवक्किल हमेशा से इक़रारनामे का अपना भाग पूरा करने और बाक़ी क़ीमत देने को तैयार रहा है और आज भी तैयार है, परंतु आप बयनामा करने से टालते रहे हैं।

3.यह कि आपको इस नोटिस की प्राप्ति के 15 दिन के भीतर बाक़ी क़ीमत प्राप्त कर सब-रजिस्ट्रार, अमरनगर के कार्यालय में बयनामा लिखकर रजिस्टर्ड करवाने को कहा जाता है। ऐसा न करने पर आपके विरुद्ध इक़रारनामे के विशिष्ट पालन का दावा ख़र्च सहित दायर किया जाएगा।

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

इस पर आप या आपकी ओर से आपके वकील हस्ताक्षर करते हैं, फिर यह दूसरे पक्ष के हर उस पते पर, जो आपको मालूम है, रजिस्टर्ड डाक (एडी) या स्पीड पोस्ट से भेजा जाता है; साथ में ई-मेल या व्हाट्सऐप से भी भेज सकते हैं।

फ़ीस

नोटिस के लिए स्टाम्प पेपर या कोर्ट फ़ीस की ज़रूरत नहीं: डाक ख़र्च आप देते हैं, और वकील भेजें तो वकील की फ़ीस।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

सादा काग़ज़ काफ़ी है।