बिल्डर को क़ब्ज़े में देरी का नोटिस
फ़्लैट ख़रीदार द्वारा बिल्डर से क़ब्ज़े या रिफ़ंड और देरी के ब्याज की माँग।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
प्रिया बेदी, एडवोकेट
चैम्बर 21, ज़िला अदालत, अमरनगर
क़ानूनी नोटिस
दिनांक: 12-10-2026
रजिस्टर्ड ए.डी. / स्पीड पोस्ट द्वारा
सेवा में,
श्री अमरनगर हाइट्स डेवलपर्स प्रा. लि., द्वारा प्रबंध निदेशक
SCO 14, सेक्टर 9, शांतिपुर, हरियाणा
विषय: फ़्लैट नं. बी-704, अमरनगर हाइट्स के क़ब्ज़े में देरी
महोदय/महोदया,
मेरे मुवक्किल प्रिया बेदी पुत्री श्री सुरेश बेदी, आयु लगभग 29 वर्ष, निवासी चैंबर 21, ज़िला कोर्ट्स, अमरनगर, पंजाब के निर्देश पर और उनकी ओर से आपको निम्नलिखित क़ानूनी नोटिस दिया जाता है:-
1.यह कि मेरे मुवक्किल ने दिनांक 15-06-2022 के एग्रीमेंट के अंतर्गत आपके यहाँ फ़्लैट नं. बी-704, अमरनगर हाइट्स बुक किया और आपको ₹42,50,000 (बयालीस लाख पचास हज़ार रुपये मात्र) चुकाए जा चुके हैं।
2.यह कि आपको दिनांक 30-06-2025 तक क़ब्ज़ा देना था, परंतु आपने न क़ब्ज़ा दिया, न कोई उचित कारण बताया।
3.यह कि भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 18 के अंतर्गत ऐसी देरी पर आबंटी को परियोजना से हटकर ब्याज सहित राशि वापस लेने, या बने रहकर क़ब्ज़े तक देरी के हर महीने का ब्याज लेने का अधिकार है।
4.यह कि आपको इस नोटिस की प्राप्ति के 30 दिन के भीतर अधिभोग प्रमाण पत्र और सभी वादा की गई सुविधाओं सहित क़ब्ज़ा देने और देरी के हर महीने का निर्धारित दर पर ब्याज देने को कहा जाता है।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- बिल्डर-ख़रीदार इक़रारनामा और अलॉटमेंट पत्र
- भुगतान की हर रसीद, और भुगतान दिखाने वाली बैंक स्टेटमेंट
- प्रोजेक्ट का रेरा पंजीकरण नंबर, और बिल्डर के माँग पत्र और अन्य पत्राचार
- बिल्डर का पूरा नाम और पंजीकृत दफ़्तर का पता
कहाँ जाना है
इस पर आप या आपकी ओर से आपके वकील हस्ताक्षर करते हैं, फिर यह दूसरे पक्ष के हर उस पते पर, जो आपको मालूम है, रजिस्टर्ड डाक (एडी) या स्पीड पोस्ट से भेजा जाता है; साथ में ई-मेल या व्हाट्सऐप से भी भेज सकते हैं।
फ़ीस
नोटिस के लिए स्टाम्प पेपर या कोर्ट फ़ीस की ज़रूरत नहीं: डाक ख़र्च आप देते हैं, और वकील भेजें तो वकील की फ़ीस।
ध्यान दें
- प्रोजेक्ट का पंजीकरण राज्य की रेरा वेबसाइट पर जाँचें; हरियाणा में दो प्राधिकरण हैं, गुरुग्राम और पंचकूला में।
- उसके बाद शिकायत रेरा प्राधिकरण या उपभोक्ता आयोग में जा सकती है; अपने वकील से पूछें कि आपके मामले में कौन-सा ठीक है।
- डाक की रसीदें, ट्रैकिंग रिपोर्ट और एडी कार्ड या लौटा हुआ लिफ़ाफ़ा (बिना खोले) संभालकर रखें: आगे के मुक़दमे में नोटिस साबित करने के लिए ये चाहिए।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
सादा काग़ज़ काफ़ी है।