बकाया किराये का नोटिस
किरायेदार से बकाया किराये की माँग।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
प्रिया बेदी, एडवोकेट
चैम्बर 21, ज़िला अदालत, अमरनगर
क़ानूनी नोटिस
दिनांक: 12-10-2026
रजिस्टर्ड ए.डी. / स्पीड पोस्ट द्वारा
सेवा में,
श्री कबीर शर्मा
मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
विषय: मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर का भूतल का बकाया किराया
महोदय/महोदया,
मेरे मुवक्किल विक्रम सिंह पुत्र श्री हरबंस सिंह, आयु लगभग 52 वर्ष, निवासी मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब के निर्देश पर और उनकी ओर से आपको निम्नलिखित क़ानूनी नोटिस दिया जाता है:-
1.यह कि आप मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर का भूतल में ₹9,500 (नौ हज़ार पाँच सौ रुपये मात्र) मासिक किराये पर मेरे मुवक्किल के किरायेदार हैं।
2.यह कि आपने अप्रैल 2026 से किराया नहीं दिया है और आपकी ओर ₹57,000 (सत्तावन हज़ार रुपये मात्र) बकाया हैं।
3.यह कि आपको इस नोटिस की प्राप्ति के 15 दिन के भीतर बकाया चुकाने को कहा जाता है। ऐसा न करने पर किराया न देने के आधार पर आपकी बेदख़ली और ब्याज सहित बकाया वसूली की कार्यवाही की जाएगी, जिसका ख़र्च आपको उठाना होगा।
इस नोटिस की एक प्रति आगे की कार्यवाही हेतु मेरे कार्यालय में रख ली गई है।
प्रिया बेदी
एडवोकेट
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- किरायानामा या इक़रारनामा, और किराये का आपका रिकॉर्ड (रसीदें या बैंक की एंट्री)
- मकान या दुकान के मालिक होने या उसे किराये पर देने का सबूत: रजिस्ट्री, अलॉटमेंट पत्र या संपत्ति कर का रिकॉर्ड
- किरायेदार का पूरा नाम और पता
कहाँ जाना है
इस पर आप या आपकी ओर से आपके वकील हस्ताक्षर करते हैं, फिर यह दूसरे पक्ष के हर उस पते पर, जो आपको मालूम है, रजिस्टर्ड डाक (एडी) या स्पीड पोस्ट से भेजा जाता है; साथ में ई-मेल या व्हाट्सऐप से भी भेज सकते हैं।
फ़ीस
नोटिस के लिए स्टाम्प पेपर या कोर्ट फ़ीस की ज़रूरत नहीं: डाक ख़र्च आप देते हैं, और वकील भेजें तो वकील की फ़ीस।
ध्यान दें
- हर भुगतान और इनकार का लिखित रिकॉर्ड रखें; किराया क़ानून के तहत बेदख़ली के मुक़दमे में किरायेदार पहली तारीख़ पर बकाया, ब्याज और ख़र्च देकर अब भी बेदख़ली से बच सकता है।
- किरायेदार पर दबाव डालने के लिए कभी ताला न लगाएँ, सामान न हटाएँ, पानी या बिजली न काटें: यह ग़ैरक़ानूनी है।
- डाक की रसीदें, ट्रैकिंग रिपोर्ट और एडी कार्ड या लौटा हुआ लिफ़ाफ़ा (बिना खोले) संभालकर रखें: आगे के मुक़दमे में नोटिस साबित करने के लिए ये चाहिए।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
सादा काग़ज़ काफ़ी है।