सिक्योरिटी राशि वापसी का नोटिस
मकान छोड़ने के बाद किरायेदार द्वारा सिक्योरिटी वापसी की माँग।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
प्रिया बेदी, एडवोकेट
चैम्बर 21, ज़िला अदालत, अमरनगर
क़ानूनी नोटिस
दिनांक: 12-10-2026
रजिस्टर्ड ए.डी. / स्पीड पोस्ट द्वारा
सेवा में,
श्री रोहन कुमार
मकान नं. 12, गली नं. 3, नानक नगर, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
विषय: फ़्लैट नं. 2, सेक्टर 9, शांतिपुर की सिक्योरिटी राशि की वापसी
महोदय/महोदया,
मेरे मुवक्किल नेहा वर्मा पत्नी श्री अनिल वर्मा, आयु लगभग 28 वर्ष, निवासी मकान नं. 204, सेक्टर 9, शांतिपुर, ज़िला शांतिपुर, हरियाणा के निर्देश पर और उनकी ओर से आपको निम्नलिखित क़ानूनी नोटिस दिया जाता है:-
1.यह कि मेरा मुवक्किल फ़्लैट नं. 2, सेक्टर 9, शांतिपुर में आपका किरायेदार था और आपको ₹40,000 (चालीस हज़ार रुपये मात्र) की वापसी योग्य सिक्योरिटी राशि दी थी।
2.यह कि दिनांक 31-08-2026 को किराया व सभी ख़र्च पूरे चुकाकर, सामान्य टूट-फूट के अतिरिक्त अच्छी हालत में, परिसर ख़ाली करके उसका क़ब्ज़ा आपको सौंप दिया गया।
3.यह कि कहने के बावजूद आपने सिक्योरिटी राशि नहीं लौटाई। आपको इस नोटिस की प्राप्ति के 15 दिन के भीतर ₹40,000 लौटाने को कहा जाता है, अन्यथा ब्याज सहित इसकी वसूली की कार्यवाही की जाएगी, जिसका ख़र्च आपको उठाना होगा।
इस नोटिस की एक प्रति आगे की कार्यवाही हेतु मेरे कार्यालय में रख ली गई है।
प्रिया बेदी
एडवोकेट
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- सिक्योरिटी दिखाने वाला किराये का इक़रारनामा, और उसे देने की रसीद या बैंक रिकॉर्ड
- जगह सौंपने का सबूत: चाबी सौंपने का संदेश या रसीद, आख़िरी मीटर रीडिंग और जगह की तारीख़ वाली फ़ोटो
- आख़िरी किराये की रसीदें और भरे हुए बिल (बिजली, पानी, रखरखाव)
- मकान-मालिक का पूरा नाम और पता
कहाँ जाना है
इस पर आप या आपकी ओर से आपके वकील हस्ताक्षर करते हैं, फिर यह दूसरे पक्ष के हर उस पते पर, जो आपको मालूम है, रजिस्टर्ड डाक (एडी) या स्पीड पोस्ट से भेजा जाता है; साथ में ई-मेल या व्हाट्सऐप से भी भेज सकते हैं।
फ़ीस
नोटिस के लिए स्टाम्प पेपर या कोर्ट फ़ीस की ज़रूरत नहीं: डाक ख़र्च आप देते हैं, और वकील भेजें तो वकील की फ़ीस।
ध्यान दें
- जगह छोड़ने वाले दिन की फ़ोटो और संदेश संभालकर रखें: नुक़सान के दावों का जवाब इन्हीं से होता है।
- अगर सिक्योरिटी फिर भी न लौटे, तो दावा किया जा सकता है: "रुपयों की वसूली का दावा (साधारण, या आदेश 37 के अंतर्गत संक्षिप्त)" देखें।
- डाक की रसीदें, ट्रैकिंग रिपोर्ट और एडी कार्ड या लौटा हुआ लिफ़ाफ़ा (बिना खोले) संभालकर रखें: आगे के मुक़दमे में नोटिस साबित करने के लिए ये चाहिए।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
सादा काग़ज़ काफ़ी है।