चेक बाउंस का माँग नोटिस (धारा 138 एन.आई. एक्ट)

चेक बिना भुगतान लौटने पर 15 दिन में भुगतान की माँग।

दस्तावो में मुफ़्त बनाएँ

यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।

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काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

प्रिया बेदी, एडवोकेट

चैम्बर 21, ज़िला अदालत, अमरनगर

क़ानूनी नोटिस

दिनांक: 12-10-2026

रजिस्टर्ड ए.डी. / स्पीड पोस्ट द्वारा

सेवा में,

श्रीमती मीरा शर्मा

दुकान नं. 8, ग्रेन मार्केट, अमरनगर, पंजाब

विषय: परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 सपठित धारा 142 के अंतर्गत चेक नं. 004512 बाबत नोटिस

महोदय/महोदया,

मेरे मुवक्किल विक्रम सिंह पुत्र श्री हरबंस सिंह, आयु लगभग 52 वर्ष, निवासी मकान नं. 45, गुलाब कॉलोनी, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब के निर्देश पर और उनकी ओर से आपको निम्नलिखित क़ानूनी नोटिस दिया जाता है:-

1.यह कि आपने मेरे मुवक्किल के पक्ष में उधार की वापसी बाबत ₹2,45,000 (दो लाख पैंतालीस हज़ार रुपये मात्र) का चेक नं. 004512 दिनांक 02-09-2026, अमर सहकारी बैंक, अमरनगर पर आहरित, जारी किया था।

2.यह कि मेरे मुवक्किल ने उक्त चेक भुगतान हेतु प्रस्तुत किया, जो दिनांक 10-10-2026 को "अपर्याप्त राशि" टिप्पणी के साथ बिना भुगतान लौट आया। बैंक का रिटर्न मेमो मेरे मुवक्किल को दिनांक 10-10-2026 को प्राप्त हुआ।

3.यह कि चेक का बिना भुगतान लौटना दर्शाता है कि आपने परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के अंतर्गत दंडनीय अपराध किया है।

4.यह कि अतः आपको इस नोटिस की प्राप्ति के 15 दिन के भीतर मेरे मुवक्किल को ₹2,45,000 का भुगतान करने को कहा जाता है, अन्यथा मेरा मुवक्किल आपके विरुद्ध अधिनियम की धारा 138 व 142 के अंतर्गत शिकायत दायर करेगा, जिसके ख़र्च व परिणामों के ज़िम्मेदार आप होंगे।

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

इस पर आप या आपके वकील हस्ताक्षर करते हैं, फिर रिटर्न मेमो मिलने के 30 दिन के भीतर यह हर उस पते पर, जो आपको मालूम है, रजिस्टर्ड डाक (एडी) या स्पीड पोस्ट से भेजा जाता है; साथ में ई-मेल या व्हाट्सऐप से भी भेज सकते हैं।

फ़ीस

नोटिस के लिए स्टाम्प पेपर या कोर्ट फ़ीस की ज़रूरत नहीं: डाक ख़र्च आप देते हैं, और वकील भेजें तो वकील की फ़ीस।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

सादा काग़ज़ काफ़ी है।