उपभोक्ता शिकायत से पहले नोटिस
उपभोक्ता शिकायत से पहले विक्रेता को आख़िरी मौक़ा।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
आईफ़ोन और आईपैड: जल्द ही ऐप स्टोर पर · एंड्रॉइड: जल्द ही गूगल प्ले पर
अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
प्रिया बेदी, एडवोकेट
चैम्बर 21, ज़िला अदालत, अमरनगर
क़ानूनी नोटिस
दिनांक: 12-10-2026
रजिस्टर्ड ए.डी. / स्पीड पोस्ट द्वारा
सेवा में,
श्री कबीर शर्मा
मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब
विषय: एक डबल-डोर फ़्रिज बाबत सेवा में कमी
महोदय/महोदया,
मेरे मुवक्किल आशा रानी पत्नी श्री रोहन कुमार, आयु लगभग 34 वर्ष, निवासी मकान नं. 12, गली नं. 3, नानक नगर, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब के निर्देश पर और उनकी ओर से आपको निम्नलिखित क़ानूनी नोटिस दिया जाता है:-
1.यह कि मेरे मुवक्किल ने दिनांक 14-07-2026 को आपसे एक डबल-डोर फ़्रिज ₹38,500 (अड़तीस हज़ार पाँच सौ रुपये मात्र) चुकाकर ख़रीदा।
2.यह कि वह तीन हफ़्ते में ही ठंडा करना बंद कर गया और आपके भेजे मिस्त्री दो बार भी उसे ठीक नहीं कर सके।
3.यह कि शिकायतों के बावजूद आपने इसे ठीक नहीं किया। यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अंतर्गत सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार है।
4.यह कि आपको इस नोटिस की प्राप्ति के 15 दिन के भीतर फ़्रिज बदलने या उसकी क़ीमत लौटाने को कहा जाता है, अन्यथा आपके विरुद्ध ज़िला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के समक्ष उस राहत, परेशानी के मुआवज़े और ख़र्च हेतु शिकायत दायर की जाएगी।
इस नोटिस की एक प्रति आगे की कार्यवाही हेतु मेरे कार्यालय में रख ली गई है।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- बिल या इनवॉइस और भुगतान का सबूत
- वारंटी कार्ड, जॉब शीट, शिकायत नंबर, और विक्रेता या सर्विस सेंटर से हुए ई-मेल या संदेश
- ख़राबी या कमी दिखाने वाली फ़ोटो या रिपोर्ट
- विक्रेता या कंपनी का पूरा नाम और पता (पता हो तो पंजीकृत दफ़्तर)
कहाँ जाना है
इस पर आप या आपकी ओर से आपके वकील हस्ताक्षर करते हैं, फिर यह दूसरे पक्ष के हर उस पते पर, जो आपको मालूम है, रजिस्टर्ड डाक (एडी) या स्पीड पोस्ट से भेजा जाता है; साथ में ई-मेल या व्हाट्सऐप से भी भेज सकते हैं।
फ़ीस
नोटिस के लिए स्टाम्प पेपर या कोर्ट फ़ीस की ज़रूरत नहीं: डाक ख़र्च आप देते हैं, और वकील भेजें तो वकील की फ़ीस।
ध्यान दें
- उपभोक्ता शिकायत वाद का कारण बनने के दो साल के भीतर होनी चाहिए और ई-दाख़िल पोर्टल पर ऑनलाइन भी हो सकती है: "ज़िला उपभोक्ता आयोग में शिकायत (धारा 35)" देखें।
- उपभोक्ता शिकायत आप ख़ुद, बिना वकील के, दाख़िल कर सकते हैं और बहस कर सकते हैं।
- डाक की रसीदें, ट्रैकिंग रिपोर्ट और एडी कार्ड या लौटा हुआ लिफ़ाफ़ा (बिना खोले) संभालकर रखें: आगे के मुक़दमे में नोटिस साबित करने के लिए ये चाहिए।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
सादा काग़ज़ काफ़ी है।