छह महीने की अवधि माफ़ करने हेतु प्रार्थना पत्र (अमरदीप सिंह)

पहली मोशन के बाद छह महीने का इंतज़ार माफ़ करने की माँग।

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काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

न्यायालय श्रीमान प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, शांतिपुर

हिंदू विवाह अधिनियम याचिका नं. 88 सन् 2026

अनिल वर्मा पुत्र श्री रमेश वर्मा, आयु लगभग 31 वर्ष, निवासी मकान नं. 204, सेक्टर 9, शांतिपुर, ज़िला शांतिपुर, हरियाणा
…याचिकाकर्ता नं. 1 (पति)

तथा

नेहा वर्मा पत्नी श्री अनिल वर्मा, आयु लगभग 28 वर्ष, निवासी मकान नं. 204, सेक्टर 9, शांतिपुर, ज़िला शांतिपुर, हरियाणा
…याचिकाकर्ता नं. 2 (पत्नी)

हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13-बी(2) की छह महीने की अवधि माफ़ करने हेतु संयुक्त प्रार्थना पत्र

निवेदन है कि:-

1.यह कि पहली मोशन दिनांक 05-10-2026 को दर्ज हुई। याचिकाकर्ता दिनांक 01-06-2024 से अलग रह रहे हैं, अतः पहली मोशन से पहले ही डेढ़ वर्ष की अवधि बीत चुकी थी।

2.यह कि मध्यस्थता व सुलह के सभी प्रयास विफल रहे: पारिवारिक न्यायालय के मध्यस्थता केंद्र में दिनांक 12-08-2026 व 26-08-2026 को दो बैठकें। याचिकाकर्ताओं के फिर से साथ रहने की कोई संभावना नहीं है।

3.यह कि याचिकाकर्ताओं ने गुज़ारा, स्त्रीधन व संरक्षा सहित अपने सभी मतभेद सच्चे मन से निपटा लिए हैं, और समझौते पर अमल हो चुका है: पहली मोशन पर ₹3,00,000 दिए गए; बाक़ी डिमांड ड्राफ़्ट से तैयार है।

4.यह कि छह महीने और इंतज़ार केवल उनकी पीड़ा बढ़ाएगा। अमरदीप सिंह बनाम हरवीन कौर (2017) 8 एससीसी 746 में तय शर्तें पूरी तरह पूरी होती हैं।

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

उसी पारिवारिक न्यायालय में याचिका के नंबर के साथ संयुक्त रूप से दाख़िल होता है, प्रायः पहली मोशन के एक हफ़्ते या ज़्यादा बाद; सुनवाई पर प्रायः दोनों हाज़िर होते हैं।

फ़ीस

जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगते हैं; आज की राशि काउंटर पर पूछें। वकील की फ़ीस अलग है।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।