छह महीने की अवधि माफ़ करने हेतु प्रार्थना पत्र (अमरदीप सिंह)
पहली मोशन के बाद छह महीने का इंतज़ार माफ़ करने की माँग।
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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
न्यायालय श्रीमान प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, शांतिपुर
हिंदू विवाह अधिनियम याचिका नं. 88 सन् 2026
तथा
हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13-बी(2) की छह महीने की अवधि माफ़ करने हेतु संयुक्त प्रार्थना पत्र
निवेदन है कि:-
1.यह कि पहली मोशन दिनांक 05-10-2026 को दर्ज हुई। याचिकाकर्ता दिनांक 01-06-2024 से अलग रह रहे हैं, अतः पहली मोशन से पहले ही डेढ़ वर्ष की अवधि बीत चुकी थी।
2.यह कि मध्यस्थता व सुलह के सभी प्रयास विफल रहे: पारिवारिक न्यायालय के मध्यस्थता केंद्र में दिनांक 12-08-2026 व 26-08-2026 को दो बैठकें। याचिकाकर्ताओं के फिर से साथ रहने की कोई संभावना नहीं है।
3.यह कि याचिकाकर्ताओं ने गुज़ारा, स्त्रीधन व संरक्षा सहित अपने सभी मतभेद सच्चे मन से निपटा लिए हैं, और समझौते पर अमल हो चुका है: पहली मोशन पर ₹3,00,000 दिए गए; बाक़ी डिमांड ड्राफ़्ट से तैयार है।
4.यह कि छह महीने और इंतज़ार केवल उनकी पीड़ा बढ़ाएगा। अमरदीप सिंह बनाम हरवीन कौर (2017) 8 एससीसी 746 में तय शर्तें पूरी तरह पूरी होती हैं।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- याचिका का नंबर और पहली मोशन दर्ज होने की तारीख़ (अदालत माँगे तो उस आदेश की प्रति)
- अलग रहना शुरू होने की तारीख़ का सबूत (पहली मोशन से डेढ़ साल या उससे ज़्यादा पहले): किरायानामा, पत्र, या पुराने मुक़दमे के काग़ज़
- मध्यस्थता नाकाम होने का सबूत: मध्यस्थता केंद्र की रिपोर्ट या काउंसलर का नोट
- समझौते पर अमल का सबूत: दी गई रक़मों के बैंक ट्रांसफ़र का रिकॉर्ड, रसीदें या ड्राफ़्ट, और लौटाए गए स्त्रीधन की हस्ताक्षर वाली सूची
- पति और पत्नी दोनों के आधार कार्ड या अन्य फ़ोटो पहचान पत्र, मौजूदा पते के सबूत सहित (फ़ोटोकॉपी; दिखाने के लिए मूल)
कहाँ जाना है
उसी पारिवारिक न्यायालय में याचिका के नंबर के साथ संयुक्त रूप से दाख़िल होता है, प्रायः पहली मोशन के एक हफ़्ते या ज़्यादा बाद; सुनवाई पर प्रायः दोनों हाज़िर होते हैं।
फ़ीस
जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगते हैं; आज की राशि काउंटर पर पूछें। वकील की फ़ीस अलग है।
ध्यान दें
- अदालत इंतज़ार तभी माफ़ करती है जब अमरदीप सिंह फ़ैसले की शर्तें पूरी हों (डेढ़ साल से अलग, मध्यस्थता नाकाम, बच्चों की संरक्षा समेत सब कुछ तय); वह इनकार भी कर सकती है।
- इनकार होने पर दूसरी मोशन आम तरीक़े से छह महीने बाद होती है।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।