नाबालिग़ की संपत्ति बेचने या गिरवी रखने की अनुमति (धारा 8(2) हिंदू अप्राप्तवयता और संरक्षकता अधिनियम)
नैसर्गिक संरक्षक ज़मीन या मकान में नाबालिग़ का हिस्सा बेचने, गिरवी रखने, तबादला करने या लंबे पट्टे पर देने हेतु न्यायालय की अनुमति माँगता है, ज़रूरत या लाभ और नाबालिग़ का पैसा रखने का तरीक़ा बताकर।
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काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
न्यायालय श्रीमान ज़िला न्यायाधीश, अमरनगर
संरक्षकता प्रार्थना पत्र नं. ______ सन् 2026
हिंदू अप्राप्तवयता और संरक्षकता अधिनियम, 1956 की धारा 8(2), सहपठित संरक्षक एवं प्रतिपाल्य अधिनियम, 1890 की धारा 29, के अंतर्गत नाबालिग़ों की अचल संपत्ति के संबंध में अनुमति हेतु प्रार्थना पत्र
निवेदन है कि:-
1.यह कि प्रार्थी निम्नलिखित नाबालिग़ों का पिता एवं नैसर्गिक संरक्षक है, जो प्रार्थी के साथ रहते हैं:
| क्रम | नाबालिग़ का नाम | जन्म तिथि | संपत्ति में हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अर्जुन | 14-03-2017 | एक-तिहाई |
| 2 | रिया | 02-07-2020 | एक-तिहाई |
2.यह कि ऊपर दिखाया गया हिस्सा निम्नलिखित अचल संपत्ति में नाबालिग़ों का है, जो उन्हें उनकी दादी कमला देवी द्वारा किए गए पंजीकृत दान पत्र नं. 876 दिनांक 10-06-2021 से मिला (आगे "उक्त संपत्ति"):
खेती की ज़मीन रक़बा 12 कनाल 0 मरला, खेवट नं. 45, खतौनी नं. 61, ख़सरा नं. 18//7 (8-0) व 18//8 (4-0), गाँव कल्याणपुर, हदबस्त नं. 112, तहसील व ज़िला अमरनगर, जैसा कि साल 2022-23 की जमाबंदी में दर्ज है।
3.यह कि हिंदू अप्राप्तवयता और संरक्षकता अधिनियम, 1956 की धारा 8(2) के अनुसार नैसर्गिक संरक्षक को नाबालिग़ की अचल संपत्ति का कोई भी भाग बेचने के लिए न्यायालय की पूर्व अनुमति ज़रूरी है, जो केवल आवश्यकता होने पर या नाबालिग़ के स्पष्ट लाभ के लिए दी जा सकती है (अधिनियम की धारा 8(4))।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- नाबालिग़ों के जन्म प्रमाण पत्र (फ़ोटोकॉपी)
- संपत्ति और नाबालिग़ों के हिस्से का सबूत: जमाबंदी या फ़र्द, इंतक़ाल, और दान पत्र, वसीयत या विरासत के काग़ज़
- आधार कार्ड या कोई अन्य फ़ोटो पहचान पत्र, मौजूदा पते के सबूत सहित (फ़ोटोकॉपी; दिखाने के लिए मूल)
- यदि माता आवेदन करे तो पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र, या ऐसे काग़ज़ जो दिखाएँ कि वह दूर रहता है या नाबालिग़ों में रुचि नहीं लेता
- ख़रीदार या क़र्ज़दाता की लिखित पेशकश और मूल्य का सबूत (कलेक्टर रेट या मूल्यांकन रिपोर्ट)
- आमतौर पर अन्य नज़दीकी रिश्तेदारों के अनापत्ति शपथ पत्र
कहाँ जाना है
वकील के माध्यम से उस ज़िले के ज़िला न्यायालय में दाख़िल होता है जहाँ संपत्ति है। फ़ैसले से पहले न्यायालय रिश्तेदारों और नाबालिग़ों को सुन सकता है।
फ़ीस
जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगते हैं; आज की राशि काउंटर पर पूछें। वकील की फ़ीस अलग है।
ध्यान दें
- न्यायालय की अनुमति से पहले सौदे पर हस्ताक्षर या रजिस्ट्री न करें: बिना अनुमति की बिक्री या गिरवी नाबालिग़ के कहने पर रद्द हो सकती है (धारा 8(3))।
- न्यायालय आमतौर पर शर्तें तय करता है, जैसे न्यूनतम क़ीमत और नाबालिग़ के नाम एफ़डी; एफ़डी की रसीदें न्यायालय में पेश करें।
- परिवार के वयस्क मुखिया द्वारा सँभाली जा रही संयुक्त परिवार की संपत्ति के अविभाजित हिस्से के लिए यह ज़रूरी नहीं (धारा 12)।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
इस याचिका या प्रार्थना पत्र पर कोर्ट फ़ीस राज्य के कोर्ट फ़ीस क़ानून से तय होती है; कोर्ट फ़ीस टिकट (या ई-कोर्ट फ़ीस की रसीद) और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।