आपसी सहमति से तलाक़, पहली मोशन (धारा 13-बी(1))

आपसी सहमति से तलाक़ शुरू करने हेतु पति-पत्नी की संयुक्त याचिका।

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काग़ज़ की शुरुआत

दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।

न्यायालय श्रीमान प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, शांतिपुर

अनिल वर्मा पुत्र श्री रमेश वर्मा, आयु लगभग 31 वर्ष, निवासी मकान नं. 204, सेक्टर 9, शांतिपुर, ज़िला शांतिपुर, हरियाणा
…याचिकाकर्ता नं. 1 (पति)

तथा

नेहा वर्मा पत्नी श्री अनिल वर्मा, आयु लगभग 28 वर्ष, निवासी मकान नं. 204, सेक्टर 9, शांतिपुर, ज़िला शांतिपुर, हरियाणा
…याचिकाकर्ता नं. 2 (पत्नी)

हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13-बी के अंतर्गत आपसी सहमति से तलाक़ की डिक्री द्वारा विवाह विच्छेद हेतु याचिका

निवेदन है कि:-

1.यह कि याचिकाकर्ताओं का विवाह दिनांक 14-02-2021 को शांतिपुर में हिंदू रीति-रिवाज़ों से संपन्न हुआ।

2.यह कि इस विवाह से कोई संतान नहीं हुई।

3.यह कि याचिकाकर्ता आख़िरी बार इस न्यायालय के क्षेत्राधिकार में मकान नं. 204, सेक्टर 9, शांतिपुर में साथ रहे, और दिनांक 01-06-2024 से, यानी एक वर्ष से अधिक से, अलग रह रहे हैं।

4.यह कि स्वभाव में अंतर के कारण याचिकाकर्ता साथ नहीं रह पाए, और उनके मेल-मिलाप की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने आपसी सहमति से तय किया है कि उनका विवाह भंग हो।

5.यह कि याचिकाकर्ताओं ने एक-दूसरे के विरुद्ध अपने सभी दावे इस प्रकार निपटा लिए हैं: पति पत्नी को स्थायी गुज़ारे के पूर्ण व अंतिम निपटारे में ₹6,00,000 देगा, ₹3,00,000 पहली मोशन पर और ₹3,00,000 दूसरी मोशन पर; सारा स्त्रीधन लौटा दिया गया है।

बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।

साथ क्या लाएँ

साथ लाने वाले काग़ज़

कहाँ जाना है

वकील के माध्यम से संयुक्त रूप से उस ज़िले के पारिवारिक न्यायालय (न हो तो ज़िला न्यायाधीश) में दाख़िल होती है जहाँ विवाह हुआ, जहाँ आप आख़िरी बार साथ रहे, या जहाँ पत्नी अब रहती है; फिर दोनों पहली मोशन के बयान देते हैं।

फ़ीस

जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगते हैं; आज की राशि काउंटर पर पूछें। वकील की फ़ीस अलग है।

ध्यान दें

काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।

स्टाम्प पेपर

जहाँ ज़रूरी हो, कोर्ट फ़ीस और वेलफ़ेयर टिकट अदालत के दफ़्तर के निर्देश अनुसार लगाएँ।