कमीशन या एजेंसी इक़रारनामा
किसी को कमीशन पर अपना सामान बेचने हेतु नियुक्त करना।
यह काग़ज़ भरने के लिए तैयार दस्तावो में खुलता है, इस कंप्यूटर पर या ऐप में। खाते की ज़रूरत नहीं।
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अभी वकील ने नहीं जाँचा। हस्ताक्षर से पहले हर पंक्ति जाँचें।
काग़ज़ की शुरुआत
दस्तावो के नमूना विवरण के साथ; लोग और जगहें काल्पनिक हैं। नीले शब्द वे हैं जो आप भरते हैं।
एजेंसी इक़रारनामा
यह इक़रारनामा आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को अमरनगर में निम्नलिखित पक्षों के बीच लिखा व निष्पादित किया गया:-
शर्मा हार्डवेयर, द्वारा प्रोप्राइटर कबीर शर्मा पुत्र श्री देव शर्मा, आयु लगभग 44 वर्ष, निवासी मकान नं. 7, बसंत विहार, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब (जिसे आगे "मालिक (प्रिंसिपल)" कहा गया है, और इस शब्द में संदर्भ के विपरीत न होने पर उसके वारिस, क़ानूनी प्रतिनिधि व समनुदेशिती शामिल होंगे) प्रथम पक्ष।
तथा
रोहन कुमार पुत्र श्री ओम प्रकाश, आयु लगभग 37 वर्ष, निवासी मकान नं. 12, गली नं. 3, नानक नगर, अमरनगर, तहसील व ज़िला अमरनगर, पंजाब (जिसे आगे "एजेंट" कहा गया है, और इस शब्द में संदर्भ के विपरीत न होने पर उसके वारिस, क़ानूनी प्रतिनिधि व समनुदेशिती शामिल होंगे) द्वितीय पक्ष।
अब यह विलेख साक्षी है और दोनों पक्ष निम्नलिखित पर सहमत हैं:-
1.यह कि मालिक एजेंट को आज से 12 महीनों के लिए शांतिपुर ज़िला में सैनिटरी फ़िटिंग का एकमात्र कमीशन एजेंट नियुक्त करता है।
2.यह कि एजेंट मालिक की दरों व शर्तों पर ग्राहक ढूँढेगा और ऑर्डर बुक करेगा। लिखित अधिकार के बिना एजेंट मालिक की ओर से न पैसा वसूलेगा, न उधार देगा, न कोई वादा करेगा।
3.यह कि एजेंट के माध्यम से बुक हुए और ग्राहक द्वारा भुगतान किए गए हर ऑर्डर के मूल्य पर मालिक एजेंट को 4 प्रतिशत कमीशन अगले महीने की 10 तारीख़ तक, मासिक विवरण सहित, देगा।
बाक़ी काग़ज़ दस्तावो में है।
साथ क्या लाएँ
साथ लाने वाले काग़ज़
- हर पक्ष के लिए: पहचान पत्र और पैन; कंपनी, एलएलपी या फ़र्म के लिए उसके पंजीकरण के काग़ज़ और हस्ताक्षर करने वाले का बोर्ड संकल्प या अधिकार पत्र
- उत्पाद, मूल्य-सूची और बिक्री की शर्तें जिन पर एजेंट काम करेगा, और क्षेत्र (शहर या ज़िले)
- एजेंट का जीएसटी पंजीकरण, यदि हो, और कमीशन के लिए बैंक विवरण
- दो गवाह, हर एक अपने पहचान पत्र सहित
कहाँ जाना है
दोनों पक्ष दो गवाहों के सामने, प्रायः राज्य द्वारा इक़रारनामे के लिए तय मूल्य के ई-स्टाम्प पेपर पर, हस्ताक्षर करते हैं; इसकी रजिस्ट्री प्रायः नहीं होती। नोटरी से तस्दीक़ वैकल्पिक है; हर पक्ष एक हस्ताक्षरित मूल प्रति रखता है।
फ़ीस
ई-स्टाम्प शुल्क इक़रारनामों के लिए राज्य की अनुसूची के अनुसार लगता है; आज की राशि ई-स्टाम्प केंद्र से पूछें।
ध्यान दें
- यदि एजेंट को आपकी ओर से पैसा वसूलना या हस्ताक्षर करना है, तो यह लिखित में दें ("अधिकार पत्र (ऑथोरिटी लेटर)" देखें); इसके बिना एजेंट ऐसा नहीं कर सकता।
- भुगतान बिलों के बदले करें: दूसरा पक्ष जीएसटी में पंजीकृत हो तो जीएसटी लगता है, और आयकर क़ानून में टीडीएस काटना पड़ सकता है; चार्टर्ड अकाउंटेंट से पूछें।
- किसी भी पक्ष की मृत्यु पर भी एजेंसी समाप्त हो जाती है (धारा 201 भारतीय संविदा अधिनियम); पहले बुक हुए ऑर्डरों का कमीशन फिर भी निपटाया जाता है।
काग़ज़ और फ़ीस बदल सकते हैं। जाने से पहले दफ़्तर से पूछ लें। केवल जानकारी के लिए, अभी वकील ने नहीं जाँची।
स्टाम्प पेपर
डीड और इकरारनामों पर स्टाम्प शुल्क राज्य, दस्तावेज़ और उसकी राशि पर निर्भर करता है; कुछ का सब-रजिस्ट्रार के यहाँ पंजीकरण ज़रूरी है। स्टाम्प पेपर पर छापने से पहले मौजूदा शुल्क और नियम जाँच लें।